जिनेवा: यह खबर उन सभी एम्प्लॉयी और एम्प्लॉयर के लिए है, जिन्हें देर तक काम करने और करवाने की आदत है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है कि कोरोना (Coronavirus) महामारी के दौर में यह ‘आदत’ जानलेवा साबित हो सकती है. WHO ने कहा कि हर साल हजारों लोग लंबे कामकाजी घंटों (Long Working Hours) के चलते अपनी जान गंवाते हैं और कोरोना महामारी से स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है.
2016 में हुई थीं इतनी Deaths
लंबे कामकाजी घंटों (Long Working Hours) से जीवन को होने वाले नुकसान के संबंध में पहले वैश्विक अध्ययन के बारे में बताते हुए WHO ने कहा कि यह आदत अब बदलने की जरूरत है, क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 2016 में लंबे समय तक काम करने के चलते 745,000 लोगों की स्ट्रोक और दिल संबंधी बीमारियों से मौत हुई थी.डब्ल्यूएचओ के तकनीकी अधिकारी फ्रैंक पेगा (Frank Pega) ने एक न्यूज ब्रीफिंग में बताया कि देर तक काम करना घातक हो सकता है और आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘2000 से 2016 यानी 16 सालों में दिल संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों में अनुमानित 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी. जबकि स्ट्रोक के मामलों में 19 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई. जो दर्शाता है कि स्थिति अच्छी नहीं है’.
ज्यादातर Male बने शिकार
WHO और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा किए गए संयुक्त इस अध्ययन से पता चला है कि अधिकांश पीड़ित (72%) पुरुष थे और मध्यम आयु वर्ग या उससे अधिक उम्र के थे. अध्ययन में यह भी पता चला कि लंबे कामकाजी घंटों का प्रभाव काफी समय बाद नजर आता है