रायगढ़। करीब 10 दिन पूर्व बरमकेला में ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने की मंशा से नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा हरे भरे वृक्षों की कटाई करा दिया गया था। अब इस मामले में एसडीएम सारंगढ़ द्वारा तहसीलदार बरमकेला को जांच के आदेश दिया गया है।
बरमकेला बालक हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान और बीईओ ऑफिस से लगकर तैयार नर्सरी में हुए पेड़ो की अवैध तरीके से कटाई का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारी के अनुसार एक शासकीय भवन बनाने के नाम पर बिना एनओसी व बिना अनुमति के नगर पंचायत अध्यक्ष की शह पर बताया जाता है कि सौ के करीब हरे भरे पेड़ो को काट दिया गया था। इतना ही नही साक्ष्य छुपाने की मंशा से काटे गए पेड़ो की ठूंठ को जेसीबी लगाकर चोरी छुपे निकलवा तक दिया गया ताकि वहां पर पेड़ होने का निशान ही न रहे।
गत दिवस स्थानीय लोगों द्वारा इसी स्थान पर पुनः पौध रोपण किया गया। बताया जा रहा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा यहां पर छात्रावास भवन बनाने की जिद पर अड़े हुए विरोध इस बात का है कि हरे भरे पेड़ों को काटकर ही छात्रावास भवन क्यों बनवाना चाहते है जबकि कहना है वहीं और भी शासकीय भूमि है जिस पर छात्रावास भवन का निर्माण कराया जा सकता है। विरोध में उतरे जन प्रतिनिधियों का कहना है यदि विधिवत मांग की जाती तो उसी जगह छात्रावास भवन बनाने के लिए जगह मिल जाती और इतनी बड़ी संख्या में हरे भरे पेड़ो की कटाई की जरूरत भी नहीं पड़ती । दरअसल पूरा मामला नगर पंचायत अध्यक्ष के अंह से जुड़ गया है उन्हें पेड़ों के काटे जाने का कोई मलाल नहीं है मानो उनके लिए अर्थ लाभ से बढ़कर कुछ नहीं है। यही वजह है कि उन्हें न तो पौध रोपण से कोई सरोकार है न ही हरियाली से कोई सरोकार है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से एसडीएम सारंगढ़ द्वारा पेड़ कटाई की जांच करने बरमकेला तहसीलदार को दिया है और एक सप्ताह में जांच प्रतिवेदन देने कहा गया है।
क्या कहते है एसडीएम नंद कुमार चौबे-
बरमकेला में पेड़ो की कटाई का मामला आया है इसकी जांच के लिए मैंने तहसीलदार बरमकेला को निर्देशित किया है कि वे जांच कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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