बलरामपुर में किसानों की ट्रैक्टर रैली, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बलरामपुर, 8 अक्टूबर 2026। भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में किसानों ने गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बलरामपुर में ट्रैक्टर रैली निकाली। हिंदू चौक से शुरू हुई रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम प्रशासन को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
किसान संघ के जिलाध्यक्ष राम नरेश कुशवाहा ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने धान खरीदी की मौजूदा व्यवस्था और नियमों में बदलाव से किसानों को हो रही परेशानियों का भी मुद्दा उठाया। संघ ने गौ आधारित जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की मांग की।
गौ संरक्षण और लंबित धान भुगतान की मांग
किसानों की प्रमुख मांगों में गौवंदन योजना लागू करना और जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण से जोड़ना शामिल है। इसके अलावा वर्ष 2022-23 की लंबित करीब 1,700 करोड़ रुपये की धान खरीदी राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई।
किसान संघ ने कृषक उन्नति योजना में प्रति एकड़ मिलने वाली 800 रुपये की राशि को केंद्र के समर्थन मूल्य से जोड़ने तथा सब्जी और फल उत्पादकों को भी योजना के दायरे में शामिल करने की मांग रखी।
धान खरीदी की अवधि बढ़ाने और तौल सीमा में बदलाव की मांग
ज्ञापन में धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक करने की मांग की गई। किसानों ने प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने, एग्रीस्टैक पंजीयन में किसानों को राहत देने और टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई।
संघ के अनुसार बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन दिए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि धान बेचने में किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो।
फसल बीमा, बिजली और मक्का खरीदी का मुद्दा
किसानों ने फसल बीमा के नाम पर काटी गई राशि वापस दिलाने की मांग भी रखी। इसके अलावा बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन के पुराने सर्वे को लागू करने, विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने और खरीफ सीजन में मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू करने की मांग की गई।
किसान संघ का कहना है कि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदेश स्तर पर भी भारतीय किसान संघ ने 8 अक्टूबर को विभिन्न जिला मुख्यालयों पर किसानों के साथ प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा था।
