बलौदाबाजार : कीटनाशक दुकानों पर कृषि विभाग की कार्रवाई, एक केंद्र सील और दो में बिक्री प्रतिबंधित
स्टॉक, रेट लिस्ट और जरूरी रिकॉर्ड में मिली खामियां; संचालकों को नोटिस
बलौदाबाजार, 9 सितंबर 2026। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बलौदाबाजार जिले में कृषि विभाग ने कीटनाशक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण तेज कर दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर अलग-अलग विकासखंडों में हुई जांच के दौरान नियमों में अनियमितता मिलने पर एक कृषि सेवा केंद्र को सील किया गया, जबकि दो केंद्रों में कीटनाशक बिक्री पर रोक लगा दी गई।
सिमगा के केंद्र में रिकॉर्ड संबंधी खामियां
सिमगा क्षेत्र के कोसरे कृषि सेवा केंद्र के निरीक्षण के दौरान कीटनाशक का स्टॉक और रेट लिस्ट निर्धारित तरीके से प्रदर्शित नहीं मिली। जांच टीम को स्टॉक रजिस्टर, बिल बुक और सोर्स सर्टिफिकेट के रखरखाव में भी कमियां मिलीं।
अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने केंद्र को सील कर दिया और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पौसरी में भी कीटनाशक बिक्री पर रोक
ग्राम पौसरी स्थित कोसरे कृषि सेवा केंद्र में भी निरीक्षण के दौरान स्टॉक और रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं मिली। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर, बिल बुक और सोर्स सर्टिफिकेट से संबंधित रिकॉर्ड भी निर्धारित तरीके से संधारित नहीं पाया गया।
विभाग ने यहां कीटनाशक की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
छड़िया के कृषि केंद्र पर भी कार्रवाई
विकासखंड पलारी के कीटनाशक निरीक्षक सुचिन कुमार वर्मा ने ग्राम छड़िया स्थित चंद्रस कृषि सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान यहां भी कीटनाशक स्टॉक और रेट लिस्ट के प्रदर्शन में कमी पाई गई। रिकॉर्ड में अनियमितता मिलने पर विभाग ने केंद्र में कीटनाशक बिक्री प्रतिबंधित कर दी और संचालक को नोटिस जारी किया।
भाटापारा में भी किया गया निरीक्षण
विकासखंड भाटापारा के कीटनाशी निरीक्षक अवधेश उपाध्याय ने भाटापारा स्थित छत्तीसगढ़ कृषि केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और नियमों के पालन को लेकर सतर्क किया गया।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध कराने पर जोर
कृषि विभाग की ओर से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कीटनाशक विक्रय केंद्रों की जांच की जा रही है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कृषि दवाएं मिलें और विक्रेताओं द्वारा स्टॉक, बिक्री तथा संबंधित दस्तावेजों के रखरखाव में नियमों का पालन किया जाए।
विभाग ने संकेत दिया है कि निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।












