बिलासपुर के गोकुल नगर में अवैध रेत भंडारण पर फूटा गुस्सा: रहवासियों के विरोध के बाद खनिज विभाग ने की कार्रवाई, पुलिस ने दी चेतावनी
बिलासपुर: गोकुल नगर घुरू वार्ड क्रमांक 04 में रहवासी कॉलोनी के बीचों-बीच चल रहे अवैध रेत और गिट्टी के भंडारण के खिलाफ आखिरकार खनिज विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी है। कॉलोनीवासियों की लगातार शिकायतों के बाद खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और जब्ती की कार्रवाई करते हुए सामग्री को आगामी आदेश तक स्थानीय निवासी की सुपुर्दगी में दिया है।
अवैध भंडारण और भारी वाहनों से बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पिछले 6 महीनों से गोकुल नगर में अवैध रूप से रेत और गिट्टी का भंडारण किया जा रहा है। यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों (ट्रक, ट्रैक्टर, हाइवा, डंपर, छोटा हाथी और जेसीबी) के दिन-रात आवागमन से कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- भारी वाहनों के कारण सड़कें धंस गई हैं और बरसात में उनकी स्थिति बेहद खराब हो गई है।
- सड़क खराब होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को लाने वाली ऑटो-रिक्शा और वैन ने कॉलोनी के भीतर आने से मना कर दिया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- इसके अलावा एम्बुलेंस और नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियों का आवागमन भी बाधित हो रहा है।
- रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि देर रात ड्राइवरों द्वारा शराब का सेवन किए जाने से कॉलोनी में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
खनिज विभाग और पुलिस की कार्रवाई
प्रकरण के अनुसार, खनिज इंस्पेक्टर विकास सिंह राजपूत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति की तस्दीक करते हुए अवैध भंडारण पर पूर्णतः रोक लगा दी तथा जब्ती पत्र तैयार कर कॉलोनी निवासी अनिल शुक्ला की सुपुर्दगी में सामग्री दी।
कार्रवाई के बाद भी जब आरोपी मनीष जांगड़े और उसके गुर्गों द्वारा दोबारा गिट्टी-रेत का भंडारण शुरू किया गया, तो कॉलोनीवासियों ने इसका पुरजोर विरोध किया। विवाद बढ़ने पर सकरी थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और खनिज विभाग के आदेशों का पालन करने की हिदायत देते हुए आरोपी पक्ष को थाना आकर दस्तावेज दिखाने के निर्देश दिए। इस दौरान गुर्गों द्वारा रहवासियों को धमकाने का मामला भी सामने आया है, जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई है।
खनिज विभाग के नियम
खनिज विभाग के नियमानुसार रहवासी इलाके में किसी भी प्रकार का भंडारण पूरी तरह अवैध है। ऐसा पाए जाने पर खनिज जब्ती की कार्रवाई की जाती है और जुर्माना (पेनल्टी) लगाया जाता है। जुर्माना राशि अदा होने तक सामग्री सुपुर्दगी में दी जाती है, लेकिन उस स्थान पर दोबारा भंडारण करना प्रतिबंधित रहता है। लगातार उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विभाग द्वारा अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा सकती है।











