बिलासपुर : खपरगंज हिंसा मामले में 5 और गिरफ्तार, अब तक 29 आरोपी पकड़े गए; मुख्य आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का निकाला जुलूस, फरार आरोपियों की तलाश तेज

बिलासपुर, 8 सितंबर 2026। खपरगंज इलाके में हुए विवाद और पथराव के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने सोमवार को एक पक्ष से जुड़े 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के साथ मामले में अब तक दोनों पक्षों से जुड़े 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को क्षेत्र में पैदल भी ले जाया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

पांच नए आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सन्नी ध्रुव (18), दुर्गेश पुरी गोस्वामी उर्फ गोगा (19), अभिजीत नेताम उर्फ निखिल नेताम (19), करण कश्यप उर्फ बडू (23) और कन्हैया मरावी उर्फ मोटू (19) शामिल हैं।

बताया गया है कि सभी आरोपी सिरगिट्टी क्षेत्र के कुंदरापारा इलाके से जुड़े हैं। पुलिस उनसे घटना में उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश

मामले में दूसरे पक्ष के मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह की तलाश अभी जारी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उसके घर के अलावा रिश्तेदारों और करीबी लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मामले में सामने आए अन्य फरार लोगों की भी तलाश जारी है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुलिस की नजर

हिंसा के बाद माहौल दोबारा न बिगड़े, इसके लिए पुलिस सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। पुलिस की टीमें विवाद से संबंधित पोस्ट, वीडियो, पेज और ग्रुप की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं सोशल मीडिया के जरिए अफवाह, भड़काऊ सामग्री या विवाद बढ़ाने वाली पोस्ट तो प्रसारित नहीं की जा रही। पहले ही पुलिस की कार्रवाई में कई सोशल मीडिया पेज, ग्रुप और आईडी को ब्लॉक कराने की जानकारी सामने आई है।

सोशल मीडिया टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद

पुलिस जांच और सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, 28 अगस्त को खपरगंज इलाके में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। कथित सोशल मीडिया टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और पथराव में बदल गया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किए जाने की बात सामने आई थी। घटना में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

CCTV और वीडियो से आरोपियों की पहचान

पुलिस मामले की जांच में CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो का भी इस्तेमाल कर रही है। इन फुटेज के आधार पर पथराव और हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ गिरफ्तारियों की संख्या और बढ़ सकती है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही हैं।

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