बिलासपुर : 27.57 लाख के गांजा तस्करी मामले में कथित महिला सरगना गिरफ्तार, जेल के बाहर दबोची गई
बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026। रेलवे के जरिए गांजा तस्करी के एक मामले में फरार चल रही महिला आरोपी अनुपमा मोहंती (45) को जीआरपी ने बुधवार को बिलासपुर सेंट्रल जेल के बाहर गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अनुपमा जेल में बंद मामले के अन्य आरोपियों से संपर्क करने और उन्हें धमकाने के लिए वहां पहुंची थी।
जीआरपी के अनुसार, जुलाई में करीब 55 किलो 150 ग्राम गांजा बरामद होने के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में अनुपमा का नाम सामने आया था। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 27.57 लाख रुपये बताई गई थी।
तीन महीने से तलाश कर रही थी जीआरपी
जीआरपी के उप निरीक्षक विश्वनाथ चक्रवर्ती के मुताबिक, रेलवे के माध्यम से संचालित गांजा तस्करी नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचने के लिए पुलिस पिछले कुछ समय से जांच कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ओडिशा के संबलपुर क्षेत्र की रहने वाली अनुपमा मोहंती बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपियों से मिलने पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जेल के बाहर निगरानी और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
11 जुलाई को पकड़ी गई थी 55 किलो से ज्यादा गांजे की खेप
इस नेटवर्क से जुड़े मामले में 11 जुलाई 2026 को जीआरपी ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर चार लोगों को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार उनके पास से 55 किलो 150 ग्राम गांजा बरामद हुआ था, जिसकी कीमत करीब 27.57 लाख रुपये आंकी गई थी। मामले में दो महिलाओं, एक युवक और एक नाबालिग के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।
पूछताछ के दौरान पुलिस को तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जीआरपी ने कथित सप्लायर निहार रंजन पटनायक को भी गिरफ्तार किया था।
युवाओं को कमीशन देकर तस्करी कराने का पुलिस का दावा
जीआरपी के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि अनुपमा कथित तौर पर युवाओं को कमीशन देकर अलग-अलग राज्यों में गांजे की खेप पहुंचाने के लिए इस्तेमाल करती थी। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क का संपर्क ओडिशा के साथ छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों तक हो सकता है।
हालांकि, नेटवर्क की पूरी संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।
पति के जेल जाने के बाद कारोबार संभालने का दावा
पुलिस के अनुसार, अनुपमा के पति सुधांशु मोहंती गांजा तस्करी के एक मामले में करीब दो साल से संबलपुर जेल में बंद हैं। जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात भी आई कि इसके बाद अनुपमा ने कथित तौर पर तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संभालना शुरू किया।
संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच
गिरफ्तारी के बाद जीआरपी अब अनुपमा की आर्थिक गतिविधियों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्करी से अर्जित धन से कोई संपत्ति बनाई गई है या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यदि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की पुष्टि होती है तो NDPS Act के तहत संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार जब्ती या राजसात की कार्रवाई की जा सकती है।
जीआरपी का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे के जरिए संचालित मादक पदार्थों की सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना भी है।
