भारत के संविधान पर विश्वास रखें नक्सली, सीएम भूपेश बघेल बोले- मैं कहीं पर भी बात करने के लिए तैयार हूं

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छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने माओवादियों से वार्ता के मुद्दे पर कहा कि नक्सली पहले भारत के संविधान पर विश्वास व्यक्त करें। उसके बाद उनसे किसी भी मंच पर बातचीत की जा सकती है। नक्सली यह बताएं कि वे संविधान पर विश्वास करते हैं या नहीं करते। सुकमा में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीएम भूपेश ने कहा कि इससे अच्छा वातावरण बस्तर में नहीं हो सकता। जिस सुकमा से नक्सलवाद की शुरुआत हुई थी, अब वहां वे काफी पीछे हट चुके हैं। अब उनका प्रभाव काफी कम हो चुका है और आपसे बेहतर यह कोई नहीं जानता। नक्सली बात करना चाहते हैं तो हमारे द्वार हमेशा खुले हुए हैं।

सीएम भूपेश ने कहा कि सिर्फ एक ही बात है। मैं हिन्दुस्तान में हूं और यह गणराज्य है। यह संघीय गणराज्य है। एक राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते संवैधानिक पद पर बैठा हूं। सबसे पहले बात करूंगा तो वह भारत के संविधान पर विश्वास करें। एक लाइन की बात है। यदि आप भारत के संविधान पर विश्वास नहीं कर सकते तो मैं आपसे बात नहीं कर सकता। पहला डिक्लीयरेशन वही होना चाहिए। आप भारत के संविधान पर विश्वास करें मैं सुकमा आ जाऊंगा या जहां बोले वहां चल दूंगा। कोई दिक्कत नहीं मुझे, लेकिन एक ही शर्त है। आप भारत में हैं, देश में है, देश के नागरिक हैं तो भारत के संविधान पर विश्वास करें।

माओवादी संगठन ने यह शर्तें रखी थी 
बता दें कि 6 मई को माओवादी संगठन ने प्रेस नोट जारी कर कहा था कि वह सरकार से बातचीत को तैयार है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट में माओवादी संगठन की शर्तें भी रखी थी। विकल्प ने कहा कि माओवादी संगठन वार्ता को तैयार है, लेकिन माओवादी संगठन, पीएलजीए, जन संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाया जाए। माओवादी संगठन को खुलेआम काम करने का अवसर दिया जाए। बस्तर में हवाई बमबारी बंद की जाए। बस्तर के जंगलों से सुरक्षाबलों के कैंप हटाए जाए और संगठन के नेताओं जिन्हें जेल में बंद किया गया है उन्हें वार्ता के लिए रिहा किया जाए। इन सभी शर्तों को सरकार पूरा करे तो माओवादी संगठन भी वार्ता को तैयार है।

छोटे से क्षेत्र में सिमटकर रह गए नक्सली 
माओवादी संगठन द्वारा प्रेसनोट जारी कर वार्ता की शर्तें रखने पर सरगुजा दौरे में सीएम ने कहा था कि आप संविधान पर विश्वास जताइये, मैं बात करने को तैयार हूं। उस दौरान सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया था कि राज्य सरकार की नीति से अब नक्सली एक छोटे से क्षेत्र में सिमटकर रह गए हैं। भूपेश ने कहा था कि फोर्स अपना काम कर रही है। आक्रमण होगा तो जवान छोड़ेंगे नहीं। पिछली सरकार में कैंपों पर हमला होता था। नक्सली कैंप पर हमला करते थे। अब हमारे जवान आमने-सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं। फोर्स के दबाव में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं या फिर मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं। पहले कैंप बफर जोन में खुलता था, अब तो उनकी मांद में कैंप खुल रहे हैं। मिनपा, सिलगेर सहित कई कैंप कोर एरिया में खोले गए हैं।

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