भारत में दवाइयों के शेड्यूल G, H, H1 और X के बारे में जानकारी क्या है ये दवाईयां
तिरुपति =भारत में दवाओं को Drugs & Cosmetics Rules के तहत बांटा गया है ताकि गलत इस्तेमाल और नशे की लत से बचाया जा सके।
1. SCHEDULE G DRUGS – Medical Supervision Needed • क्या है: ऐसी दवाएं जिनके साइड-इफेक्ट हो सकते हैं और मॉनिटरिंग जरूरी है। • लेबल पर लिखा होता है: “Caution: It is dangerous to take this preparation except under medical supervision.” • उदाहरण: कुछ हार्मोनल दवाएं, कुछ एंटी-डिप्रेसेंट, कुछ स्टेरॉयड • मतलब: फार्मासिस्ट बेच सकता है, लेकिन आपको खुद से नहीं लेनी चाहिए। 2. SCHEDULE H DRUGS – Prescription Medicines • क्या है: बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलनी चाहिए। • लेबल पर लिखा होता है: Rx और “To be sold by retail on the prescription of a Registered Medical Practitioner only.” • उदाहरण: एंटीबायोटिक्स, BP की दवाएं, डायबिटीज की दवाएं • मतलब: गलत इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है। 3. SCHEDULE H1 DRUGS – Stricter Version of H • क्या है: ऐसी दवाएं जिनका बहुत गलत इस्तेमाल होता है या जिनसे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बनता है। • इसमें आती हैं: तेज एंटीबायोटिक्स, Anti-TB दवाएं, कुछ नशे की लत वाली दवाएं • एक्स्ट्रा नियम: मेडिकल स्टोर को अलग रजिस्टर रखना पड़ता है, डॉक्टर की डिटेल लिखनी पड़ती है, रिकॉर्ड 3 साल तक रखना पड़ता है और सरकार इसकी सख्त निगरानी करती है। • मतलब: ये नियम भारत में एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकने के लिए बनाया गया। 4. SCHEDULE X DRUGS – Highly Controlled Medicines • क्या है: सबसे ज्यादा कंट्रोल वाली दवाएं, लत लगने का खतरा बहुत ज्यादा। • उदाहरण: कुछ नींद की गोलियां, नशे वाली दवाएं, तेज मानसिक रोगों की दवाएं • सख्त नियम: डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य, स्टोरेज का विशेष नियम, पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य, आम तौर पर नहीं बेच सकते। • मतलब: इनका दुरुपयोग सबसे ज्यादा खतरनाक है।
याद रखने का आसान तरीका:
• G = Guidance / Medical supervision needed • H = Prescription drugs • H1 = Strict prescription + record keeping • X = Highly controlled / addictive drugs
सबसे जरूरी बात: कभी भी खुद से दवा न लें और न ही अपनी दवा किसी और को दें। हमेशा डॉक्टर की सलाह और पूरा कोर्स फॉलो करें।
ये जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है, किसी भी दवा के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



