
मानसून ने केरल में दी दस्तक, छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज; आंधी-बारिश का अलर्ट जारी
रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। गुरुवार को मानसून केरल पहुंच गया, जिसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। हालांकि छत्तीसगढ़ में अभी मानसून का प्रवेश नहीं हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
गर्मी बरकरार, कुछ इलाकों में राहत
प्रदेश में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। रायपुर और राजनांदगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे, जहां दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में रात का तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया।
बीते 24 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिससे स्थानीय स्तर पर तापमान में आंशिक राहत महसूस की गई।
तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
राजधानी रायपुर में बादल छाए रहने, धूलभरी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम के अचानक बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में बने चक्रवाती परिसंचरणों के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर बादलों का निर्माण हो रहा है और कई क्षेत्रों में आंधी-बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं।
मानसून आगमन की बढ़ी उम्मीद
बंगाल की खाड़ी में मानसून की प्रगति को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। यदि मौसम प्रणाली अनुकूल रही तो अगले सप्ताह छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों की शुरुआत होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।



