मुंबई से क्यों शुरू हुआ CJP का ‘जेल भरो आंदोलन’? अभिजीत दीपके ने बताया प्लान
मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गांधी जयंती के दिन मुंबई से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू किया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, आंदोलन को आगे देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की योजना है।
दिल्ली के बजाय मुंबई से शुरुआत क्यों?
अभिजीत दीपके ने मुंबई को आंदोलन की शुरुआत के लिए चुने जाने के पीछे 2024 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों में अंतर का हवाला दिया। उनके अनुसार, लोकसभा चुनाव के करीब छह महीने बाद विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र के परिणामों में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
दीपके ने इस अंतर को लेकर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को आंदोलन का प्रमुख आधार बताया है। ये उनके संगठन के आरोप और राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को खारिज किया है।
क्या है CJP की मांग?
CJP की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है। संगठन ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। दीपके ने आंदोलन को तब तक जारी रखने की बात कही है, जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं होती।
मुंबई के बाद क्या है प्लान?
दीपके के मुताबिक, मुंबई से शुरू हुआ आंदोलन आगे गोवा, कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बताई गई है।
जंतर-मंतर से शुरुआत क्यों नहीं?
CJP इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुकी है, लेकिन इस बार संगठन ने आंदोलन की शुरुआत मुंबई से करने का फैसला किया। दीपके ने इसके लिए महाराष्ट्र के चुनावी घटनाक्रम को प्रमुख वजह बताया। साथ ही गांधी जयंती पर मुंबई में आंदोलन शुरू करने के पीछे शहर के महात्मा गांधी और भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक संबंध का भी उल्लेख किया।
पुलिस अनुमति को लेकर क्या हुआ?
रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क से संबंधित न्यायिक आदेश और क्षेत्र के ‘साइलेंस जोन’ होने का हवाला दिया गया था तथा आयोजकों को किसी दूसरे स्थान पर अनुमति लेने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद CJP ने आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया।
CJP का यह आंदोलन अब मुंबई से आगे दूसरे शहरों तक ले जाने की योजना के साथ जुड़ा है। इसके अगले चरण और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर आगे की गतिविधियों पर नजर रहेगी।

