मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती, लेकिन भारी वाहनों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

रायगढ़। जिले में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हाल ही में मॉडिफाइड दोपहिया वाहनों के साइलेंसर के खिलाफ चलाए गए अभियान से ध्वनि प्रदूषण पर काफी हद तक नियंत्रण देखने को मिला है। तेज आवाज करने वाले और नियमों के विपरीत साइलेंसर लगाने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिसकी आम लोगों ने सराहना भी की है।


दोपहिया वाहनों पर सख्ती, लोगों को राहत

अभियान के दौरान पुलिस ने ऐसे बाइक चालकों पर कार्रवाई की, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इससे शहर में ध्वनि प्रदूषण कम हुआ है और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।


भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग

हालांकि, औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित भारी वाहनों, विशेषकर ट्रेलरों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि कई वाहन क्षमता से अधिक माल परिवहन कर रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा प्रभावित हो रही है।


ओवरलोडिंग से बढ़ रहा खतरा

जानकारी के अनुसार, ओवरलोडेड ट्रेलर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा रहे हैं और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। लगातार भारी दबाव के कारण सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो रही हैं।


ग्रामीण सड़कों पर भी दबाव

सूत्रों के मुताबिक, कुछ भारी वाहन मुख्य मार्गों के बजाय ग्रामीण सड़कों का उपयोग कर रहे हैं। इससे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जैसी महत्वपूर्ण सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है और मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है।


संतुलित कार्रवाई की जरूरत

स्थानीय लोगों का मानना है कि यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रकार के वाहनों पर समान रूप से सख्ती जरूरी है। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।


प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों के खिलाफ संतुलित और व्यापक कार्रवाई की जाए, ताकि जिले में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था कायम रह सके।

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