मरवाही वन विभाग में 14.77 लाख के गबन का मामला, कैंपा शाखा प्रभारी निलंबित
बिलासपुर, 24 मई 2026।
जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सतर्कता/शिकायत) की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में वृक्षारोपण कार्य के लिए गोबर खाद खरीदी के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया।
आरोप है कि भूपेंद्र कुमार साहू ने कूट रचित दस्तावेज और फर्जी प्रमाण-पत्रों का उपयोग कर 14.77 लाख रुपए का अवैध लेखा समायोजन किया।
समिति सचिवों पर दबाव डालने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने समिति सचिवों पर अनैतिक दबाव बनाकर शासकीय राशि निकलवाई। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए बिना गलत तरीके से एलओसी (लेटर ऑफ क्रेडिट) तैयार कराने का भी आरोप लगा है।
विभागीय जांच के दौरान आरोपी द्वारा अधिकारियों को गुमराह करने वाले बयान देने की बात भी सामने आई है।
आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला
वन विभाग ने इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन और वित्तीय कदाचार माना है। निलंबन अवधि के दौरान भूपेंद्र कुमार साहू का मुख्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है।
अन्य योजनाओं की भी जांच तेज
जानकारी के मुताबिक आरोपी अधिकारी के खिलाफ नरवा विकास और ग्रीन क्रेडिट जैसी अन्य योजनाओं में भी गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। इन मामलों की जांच भी तेज कर दी गई है।
वन विभाग के इस बड़े वित्तीय घोटाले के सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।



