रायगढ़ : ‘अभियान संवेदना’ के तहत महिला थाना की त्वरित कार्रवाई; शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार

रायगढ़: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत महिला थाना पुलिस ने एक गंभीर मामले में महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा है। शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

महिला थाना रायगढ़ में 26 जुलाई 2026 को 24 वर्षीय पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चक्रधरनगर क्षेत्र में काम करने के दौरान उसकी पहचान चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले नरेन्द्र कुमार बारिक उर्फ राजू से हुई थी।

  • प्रेम प्रसंग और झांसा: आरोपी ने पीड़िता से प्रेम संबंध बनाते हुए शादी का वादा किया और उसे विश्वास में ले लिया।
  • शारीरिक शोषण: पीड़िता के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से जुलाई 2026 तक आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर लगातार उसकी इच्छा के विरुद्ध और भरोसे का फायदा उठाकर शारीरिक संबंध बनाए।
  • धोखाधड़ी: जब 21 जुलाई 2026 को पीड़िता ने उससे विवाह करने की बात कही, तो आरोपी ने साफ तौर पर शादी से इंकार कर दिया।
    शिकायत मिलते ही महिला थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस की त्वरित दबिश और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के संभावित ठिकाने पर दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। विधिसम्मत कानूनी प्रक्रिया और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

  • गिरफ्तार आरोपी: नरेन्द्र कुमार बारिक उर्फ राजू (35 वर्ष), मूल निवासी- ग्राम जगन्नाथ प्रसाद नवासाही, थाना भंडारी पोखरी, जिला भद्रक (ओडिशा), हाल निवासी- टीधी टावर, अंकुर हॉस्पिटल के सामने, चक्रधरनगर, रायगढ़।

सराहनीय पुलिस टीम

इस त्वरित कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, एएसआई सरस्वती महापात्रे, एएसआई परमेश्वर गुप्ता, प्रधान आरक्षक संदीप भगत, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव तथा आरक्षक हेमंत एक्का की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश:
“महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित महिलाओं से अपील है कि वे बिना किसी भय या संकोच के आगे आएं और पुलिस को सूचना दें। रायगढ़ पुलिस ‘अभियान संवेदना’ के माध्यम से महिला संबंधी अपराधों में त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

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