रायगढ़ : ऑपरेशन शंखनाद के तहत 6 गौवंश तस्करी से मुक्त, ओडिशा ले जा रहा आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। गौवंश के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत लैलूंगा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 गौवंश को तस्करी से मुक्त कराया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी मवेशियों को पैदल हांकते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहा था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में गौवंश के अवैध परिवहन के खिलाफ ‘ऑपरेशन शंखनाद’ चलाया जा रहा है। इसके तहत सीमावर्ती थाना क्षेत्रों और ओडिशा से लगे गांवों में मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया है।
2 नवंबर को गौवंश तस्करी की सूचना मिलने पर लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बांधापारा मार्ग पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक व्यक्ति कुछ मवेशियों को पैदल हांकते हुए ले जाता मिला।
वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी
पुलिस ने संदेही से मवेशियों को ले जाने के संबंध में पूछताछ की। उसकी पहचान मनकितन यादव (19 वर्ष), निवासी ग्राम सिहारधार, थाना लैलूंगा के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मवेशियों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
जांच में मवेशियों को कथित रूप से अवैध तरीके से ओडिशा के बूचड़खाने की ओर ले जाने की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 6 गौवंश जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 35 हजार रुपये बताई गई है।
पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6, 10 और 11 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत अपराध क्रमांक 339/2026 दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मुक्त कराए गए गौवंश के लिए पुलिस की ओर से चारा-पानी की व्यवस्था की गई है।
पुलिस टीम की रही भूमिका
इस कार्रवाई में लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शुभम मिश्रा और प्रीतम बघेल, सहायक उप निरीक्षक परमेश्वर नाथ, प्रधान आरक्षक जयशरण चंद्रा सहित पुलिस स्टाफ की भूमिका रही।


