रायगढ़ के जंगल में हथिनी ने दिया शावक को जन्म, हाथियों के दल की ड्रोन से निगरानी

रायगढ़, 7 अगस्त। रायगढ़ वन परिक्षेत्र के बंगुरसिया सर्किल में विचरण कर रहे हाथियों के दल में एक नए सदस्य का आगमन हुआ है। 18 हाथियों के झुंड की एक हथिनी ने जंगल में शावक को जन्म दिया है। वन विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे हाथी दल की लगातार निगरानी की जा रही है।

वन विभाग के अनुसार, मंगलवार रात कक्ष क्रमांक 915 स्थित तालाब के पास जंगल से हाथियों के तेज चिंघाड़ने की आवाजें सुनाई दी थीं। गश्त पर मौजूद वनकर्मी मौके तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हाथियों के पूरे क्षेत्र में फैले होने के कारण वे पास नहीं जा सके।

बुधवार सुबह जब हाथियों का दल आगे बढ़ा, तब वनकर्मियों ने मौके का निरीक्षण किया। वहां हाथी शावक के जन्म के बाद की झिल्ली और अन्य जैविक अवशेष मिले, जिससे शावक के जन्म की पुष्टि हुई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई और हाथियों के दल की ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई।

बंगुरसिया सर्किल प्रभारी प्रेमा तिर्की ने बताया कि शावक के जन्म के कारण हाथियों का दल पिछले कुछ दिनों से उसी क्षेत्र में ठहरा हुआ था। कई बार हाथियों का झुंड सड़क पर भी आ जाता था, इसलिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

रेंजर संजय लकड़ा ने कहा कि जंगल में हाथी शावक का जन्म वन विभाग के लिए सुखद खबर है। शावक के जन्म के बाद अब इस दल में हाथियों की संख्या 18 से बढ़कर 19 हो गई है, जबकि शावकों की संख्या तीन हो गई है।

वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए जंगल में अकेले न जाएं और किसी भी स्थिति में हाथियों के दल के करीब जाने का प्रयास न करें। विभाग लगातार निगरानी के साथ लोगों को सतर्क भी कर रहा है।

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