रायगढ़ के तारापुर पंचायत विवाद में नया मोड़, सरपंच ने SP को सौंपा ज्ञापन; जातिगत गाली-गलौज और धमकी का लगाया आरोप
अविश्वास प्रस्ताव के बीच सरपंच और समर्थक पहुंचे पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कार्रवाई की मांग
रायगढ़। ग्राम पंचायत तारापुर में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब सरपंच पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। सरपंच और उनके समर्थकों ने कुछ लोगों पर जातिगत गाली-गलौज करने, धमकी देने और माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।
15 अगस्त की घटना का ज्ञापन में किया उल्लेख
पुलिस अधीक्षक को दिए गए हस्तलिखित आवेदन में सरपंच पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि तारापुर निवासी राजीव डनसेना एवं घनश्याम निषाद द्वारा सरपंच के साथ कथित तौर पर जातिगत गाली-गलौज की गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
आवेदन में सरपंच और उनके परिवार को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। सरपंच पक्ष ने मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मामला फिर चर्चा में
तारापुर पंचायत में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के बीच यह मामला सामने आया है। इससे पंचायत का विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।
सरपंच पक्ष का कहना है कि संबंधित घटना को लेकर पहले ही आवेदन दिया जा चुका था। ऐसे में कार्रवाई की मांग को लेकर अब पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की गई है।
सवाल- पहले FIR क्यों नहीं कराई?
मामले को लेकर जब सरपंच पक्ष से सवाल किया गया कि यदि घटना 15 अगस्त की है तो अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कराई गई, इस पर उनका कहना है कि घटना के संबंध में पहले से आवेदन दिया जा चुका था।
सरपंच पक्ष का कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत रखी गई थी।
पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से सरपंच पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि अवैधानिक गतिविधियों और कथित धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आवेदन में यह भी कहा गया है कि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सरपंच और उनके परिवार के सदस्यों में असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
पहले उपसरपंच की गिरफ्तारी से भी गरमाया था मामला
तारापुर पंचायत का मामला इससे पहले उपसरपंच राजीव डनसेना की गिरफ्तारी के बाद भी सुर्खियों में आया था। उनके समर्थन में ग्रामीणों ने कोतरारोड थाने पहुंचकर विरोध जताया था और रिहाई की मांग की थी। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल भी समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे।
वहीं पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को दर्ज आपराधिक प्रकरण में की गई कानूनी कार्रवाई बताया गया था।
दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस कार्रवाई पर नजर
तारापुर पंचायत में एक तरफ सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। ऐसे में अब सरपंच द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।












