रायगढ़ के धरमजयगढ़ में हाथियों ने मचाया नुकसान, 18 किसानों की फसल और मकान प्रभावित
रायगढ़, 13 अगस्त। धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता के चलते ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार रात अलग-अलग इलाकों में हाथियों के झुंड खेतों और आबादी के करीब पहुंच गए। इस दौरान 18 किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई, जबकि तीन कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है।
धरमजयगढ़ रेंज के मेढ़रमार इलाके में दो हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई। यहां धीरेन्द्र मंडल के खेत में लगी फसल को नुकसान पहुंचा। पोटिया बीट के गेरसा गांव में भी हाथी पहुंचा, जहां अमीचंद के कच्चे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। घर में रखा अनाज भी इससे प्रभावित हुआ।
बोरो क्षेत्र में भी फसलों को नुकसान
बोरो रेंज के रूंआफुल बीट में हाथियों का एक बड़ा दल सक्रिय है। बताती गांव के आसपास हाथियों ने कई किसानों के खेतों का रुख किया और धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। चाल्हा क्षेत्र में भी पतरस केरकेट्टा के खेत को हाथियों ने प्रभावित किया।
इधर कापू रेंज के अलोला और पुटुकछार बीट में भी हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है। तालगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल हाथियों के कारण खराब हुई। पुटुकछार में फसल नुकसान के अलावा एक कच्चे मकान के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी है।
ग्रामीणों ने दी सूचना, वन विभाग ने शुरू किया सर्वे
हाथियों के गांवों के करीब पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। लोगों ने हाथियों को आबादी से दूर करने के प्रयास किए, लेकिन काफी देर तक हाथियों की गतिविधियां क्षेत्र में बनी रहीं।
बुधवार को वन विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंची और फसल तथा मकानों को हुए नुकसान का आकलन शुरू किया। विभाग की ओर से ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
दोनों वनमंडलों में 170 हाथी
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार धरमजयगढ़ और रायगढ़ वनमंडल में फिलहाल कुल 170 हाथियों की मौजूदगी है। धरमजयगढ़ वनमंडल में 103 हाथी हैं, जिनमें 31 नर, 45 मादा और 27 शावक शामिल हैं।
रायगढ़ वनमंडल में 67 हाथी बताए गए हैं। इनमें 18 नर, 38 मादा और 11 शावक शामिल हैं। हाथियों की गतिविधियों पर वन अमला लगातार नजर रख रहा है। संवेदनशील गांवों में मुनादी के माध्यम से लोगों को सतर्क किया जा रहा है।



