रायगढ़ : पोषण सप्ताह में गांवों में हुईं प्रतियोगिताएं, महिलाओं को पौष्टिक आहार का महत्व बताया
जिंदल फाउंडेशन ने माइंस और प्लांट प्रभावित क्षेत्रों में चलाया जागरूकता अभियान
रायगढ़, 8 सितंबर 2026। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर जिंदल फाउंडेशन की ओर से प्लांट और माइंस प्रभावित गांवों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 1 से 7 सितंबर तक चले अभियान के दौरान महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक भोजन के महत्व की जानकारी देने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताएं भी कराई गईं।
गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण पर विशेष जोर
कार्यक्रमों के दौरान बताया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल पर्याप्त भोजन करना ही नहीं, बल्कि भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का शामिल होना भी आवश्यक है। खासकर गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए संतुलित आहार मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
जिंदल फाउंडेशन की CSR पहल चिरंजीवी परियोजना के तहत तमनार, चारभांठा, छर्राटांगर, बरकसपाल, पतरापाली, जांजगीर, बासनपाली सहित माइंस प्रभावित गांवों बनाई, भालूमुंडा और डोलेसरा में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं।
महिलाओं ने तैयार किए पौष्टिक व्यंजन
जागरूकता को व्यावहारिक रूप देने के लिए महिलाओं के बीच कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें पौष्टिक भोजन की थाली, पौष्टिक सलाद, हेल्दी ड्रिंक, पौष्टिक व्यंजन, चावल से बनाए जाने वाले पौष्टिक पकवान और हेल्दी नाश्ता तैयार करने की प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।
इसके अलावा पोषण विषय पर रंगोली प्रतियोगिता भी कराई गई। विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जिंदल फाउंडेशन के अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण परिवारों में उपलब्ध स्थानीय खाद्य सामग्री का सही उपयोग कर भोजन को अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है। महिलाओं को दैनिक भोजन में विविधता रखने और परिवार के सदस्यों की जरूरत के अनुसार पोषण पर ध्यान देने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रमों में पंचायतों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और जिंदल फाउंडेशन की स्वास्थ्य संगिनियां भी शामिल हुईं।
अधिकारियों ने भी साझा की पोषण संबंधी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिंदल फाउंडेशन के एजीएम राजेश रावत ने पौष्टिक आहार को स्वस्थ जीवन की आधारभूत आवश्यकता बताया। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण पर ध्यान देने की बात कही।
कार्यक्रमों का आयोजन लाइजनिंग विभाग के संजय श्रीवास्तव, नीरज सक्सेना और ऋषिकेश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संयोजन नीतू सारस्वत ने किया।
प्रतियोगिताओं से मिला सीखने और अपनाने का अवसर
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिताओं का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि महिलाओं को रोजमर्रा के भोजन में पोषण के महत्व को समझाना और उन्हें स्वयं पौष्टिक व्यंजन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
अलग-अलग गांवों में आयोजित गतिविधियों के जरिए महिलाओं ने पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी साझा की और स्वस्थ खानपान को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया।












