
रायगढ़ में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला न्याय के लिए दर-दर भटकी, पुलिस पर भी निष्क्रियता के आरोप
रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र से एक महिला द्वारा घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पति के अत्याचारों से परेशान होकर उसने कई बार पुलिस और प्रशासन से मदद मांगी, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
विवाह के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
पीड़िता सीमा बघेल के अनुसार, उसने 29 मार्च 2008 को पिंगल बघेल से विवाह किया था। शादी के कुछ वर्षों बाद उसे पति के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया जाने लगा।
धोखाधड़ी का भी आरोप
महिला का आरोप है कि उसके पति ने बिना जानकारी के आधार और पैन कार्ड का उपयोग कर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए उसके नाम पर करीब 45 लाख रुपये का होम लोन ले लिया।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
पीड़िता ने घरघोड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि उसने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री तक को शिकायत भेजी, फिर भी उसे राहत नहीं मिली।
महिला थाना पर भी सवाल
पीड़िता ने महिला थाना रायगढ़ पर भी निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाया है। उसने दावा किया कि आरोपी पति ने रिश्वत देकर अपने पक्ष में कार्रवाई करवाई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हालिया हमले का भी आरोप
पीड़िता के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को उसके पति और कथित परिचितों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, जिसमें उसे चोटें आईं। इस मामले में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
दो बच्चों की जिम्मेदारी, मानसिक तनाव
महिला दो नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उठा रही है और लगातार मानसिक तनाव में जी रही है। उसका कहना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो सरकारी योजनाओं और नारों की सार्थकता पर सवाल उठते हैं।
यह मामला न केवल घरेलू हिंसा की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि न्याय प्रणाली और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी कई अहम सवाल खड़े करता है।


