रायगढ़ में डेयरी एनालॉग उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, नमूने जांच के लिए भेजे

रायगढ़, 4 अगस्त। उपभोक्ताओं को मिलावटी और अमानक डेयरी उत्पादों से सुरक्षित रखने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायगढ़ ने डेयरी एनालॉग (नकली पनीर, क्रीम और मक्खन) के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रतिबंध के निर्देशों के पालन के लिए अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को विभाग की टीम ने शहर और आसपास के कई डेयरी प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की तथा विभिन्न डेयरी उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े रामपुर स्थित फ्रेसशेल डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिष्ठान की स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों और उत्पादन संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। निरीक्षण में डेयरी एनालॉग पनीर का उत्पादन या भंडारण नहीं मिला, हालांकि संदेह के आधार पर दही और पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

इसी तरह गणगौर स्वीट्स से पनीर और उपयोग किए गए कुकिंग ऑयल (यूज्ड कुकिंग ऑयल) के नमूने लिए गए। वहीं मामा डेयरी, गणेश डेयरी और सुश्री होटल का भी निरीक्षण कर संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और किसी भी प्रकार के डेयरी एनालॉग उत्पाद का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए।

डेयरी एनालॉग क्या है?

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि डेयरी एनालॉग ऐसे उत्पाद होते हैं, जिनमें प्राकृतिक दूध की जगह वनस्पति तेल, वनस्पति वसा और अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है। ये उत्पाद देखने में सामान्य पनीर, क्रीम या मक्खन जैसे लगते हैं, जिससे उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। इसी कारण ऐसे उत्पादों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिले के सभी डेयरी एवं खाद्य कारोबारियों को डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

उपभोक्ताओं से सावधानी बरतने की अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से डेयरी उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर अंकित जानकारी ध्यान से पढ़ने की अपील की है। यदि किसी उत्पाद पर “डेयरी एनालॉग” लिखा हो तो उसे खरीदने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही खुले में बिकने वाले पनीर, दूध और दूध से बनी मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने तथा केवल एफएसएसएआई लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की गई है।

यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थ या संदिग्ध डेयरी उत्पादों के निर्माण अथवा बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर देने की अपील की गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

Back to top button