रायगढ़ में दो दिवसीय नवीन आपराधिक कानून जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ

पुलिस अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण, स्कूली विद्यार्थियों ने नए कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की ली जानकारी

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस द्वारा 3 और 4 जुलाई को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित पुलिस अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यशाला के पहले सत्र में DGPs/IGPs कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक, तकनीक आधारित और जनोन्मुखी पुलिसिंग पर प्रशिक्षण दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), CCTNS, ICJS, NATGRID, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण और ट्रस्ट-बेस्ड पुलिसिंग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

दूसरे सत्र में पुलिस अधिकारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के नए प्रावधानों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में समयबद्ध विवेचना, डिजिटल पुलिसिंग, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा साइबर अपराध नियंत्रण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने पुलिस के डिजिटल पोर्टलों की जानकारी दी, जबकि डीएसपी उन्नति ठाकुर ने CCTNS प्रणाली पर प्रस्तुतीकरण दिया।

विद्यार्थियों ने लगाए गए स्टॉलों का किया भ्रमण

कार्यक्रम में शामिल स्कूली विद्यार्थियों ने नवीन कानून, साइबर सुरक्षा, यातायात नियम और महिला सुरक्षा से जुड़े स्टॉलों का भ्रमण किया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें साइबर अपराध से बचाव, सड़क सुरक्षा और हेलो सिस्टर हेल्पलाइन सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

4 जुलाई को होगा ‘पुलिस जन संवाद’

रायगढ़ पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही जनजागरूकता प्रदर्शनी भी आम नागरिकों के लिए जारी रहेगी।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नवीन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब पुलिस और आमजन दोनों उनकी भावना, उद्देश्य और प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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