रायगढ़: सड़क हादसों पर लगाम के लिए अब हाई रिस्क जोन पर फोकस, 15 दिन में बनेगी ट्रैफिक मॉनिटरिंग की कार्ययोजना

16 ब्लैक स्पॉट के साथ दुर्घटना वाले अन्य स्थानों का भी होगा सर्वे

स्पीड ब्रेकर, संकेतक, स्ट्रीट लाइट और सड़क सुधार के निर्देश

हेलमेट व शराब पीकर ड्राइविंग पर सख्ती, गोल्डन ऑवर में इलाज पर जोर

रायगढ़, 11 सितंबर 2026। जिले में सड़क दुर्घटनाओं और हादसों में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए प्रशासन ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान और वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने जिला कार्यालय में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की।

बैठक में पिछले दो वर्षों में हुए सड़क हादसों के आंकड़ों, ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना संभावित स्थानों, यातायात व्यवस्था और दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।

16 ब्लैक स्पॉट के अलावा अन्य जोखिम वाले स्थान भी होंगे चिन्हित

बैठक में जिले के 16 चिन्हित ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ ऐसे स्थान भी हैं, जहां निर्धारित मानकों के आधार पर ब्लैक स्पॉट घोषित नहीं किया गया है, लेकिन दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है।

कलेक्टर ने ऐसे स्थानों को भी अलग से चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। थाना-वार दुर्घटना संभावित टॉप-10 स्थानों की जानकारी लेकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों का सर्वे करने पर भी जोर दिया गया।

मोड़, झाड़ियां और विजिबिलिटी की भी होगी जांच

दुर्घटना वाले स्थानों पर केवल यातायात आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि सड़क की भौतिक स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा। इसमें सड़क की स्थिति, मोड़, विजिबिलिटी, किनारे की झाड़ियां, धूल, सड़क के सोल्डर और स्थानीय मार्गों से हाईवे पर आने-जाने वाले स्थानों को शामिल किया जाएगा।

जरूरत के अनुसार स्पीड ब्रेकर, संकेतक एवं सूचना बोर्ड, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।

15 दिन में रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग की योजना

प्रशासन अब यातायात व्यवस्था की निगरानी में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। कलेक्टर ने रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए अगले 15 दिनों में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इसका उद्देश्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर निगरानी, यातायात दबाव का आकलन और जरूरत पड़ने पर समय रहते हस्तक्षेप करना है।

हेलमेट और नशे में ड्राइविंग पर कार्रवाई

एसएसपी शशिमोहन सिंह ने दोपहिया वाहन चालकों के बीच हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ इसके खतरों को लेकर लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

थाना प्रभारियों और एसडीएम को अपने क्षेत्रों में समन्वय के साथ सड़क हादसों की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

हादसे के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज पर जोर

बैठक में सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता और डायल-112 के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया।

घायलों को समय पर स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने के साथ दुर्घटना संभावित मार्गों पर पेट्रोलिंग और सड़क की साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

हाईवे से जुड़ने वाली स्थानीय सड़कों पर विशेष निगरानी

गांवों और स्थानीय सड़कों के हाईवे से जुड़ने वाले स्थानों को भी जोखिम के लिहाज से जांचा जाएगा। इन स्थानों पर सड़क की ऊंचाई, मोड़, झाड़ियां, धूल, सोल्डर और वाहन चालकों को मिलने वाली दृश्यता की स्थिति का सर्वे किया जाएगा।

जहां जरूरी होगा, वहां सड़क को समतल करने और वाहन चालकों को पर्याप्त विजिबिलिटी उपलब्ध कराने के उपाय किए जाएंगे।

औद्योगिक क्षेत्रों में ‘यातायात मित्र’ बनाने का प्रस्ताव

औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर संबंधित उद्योगों के सहयोग से ‘ट्रैफिक दूत’ या ‘यातायात मित्र’ चयनित कर उन्हें प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इनकी मदद से स्थानीय स्तर पर यातायात जागरूकता को बढ़ाया जा सकता है।

इसके अलावा कोतरा रोड थाना क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में खड़े होने वाले दोपहिया वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए उन्हें आरओबी के नीचे निर्धारित स्थान पर रखने का सुझाव भी दिया गया।

बैठक में सीएसपी एवं डीएसपी यातायात ने पिछले दो वर्षों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। इसमें हादसों की संख्या, मृतकों एवं घायलों की स्थिति, प्रमुख दुर्घटना स्थल और दुर्घटनाओं के संभावित कारणों पर चर्चा की गई।

बैठक में सीएसपी मयंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, डीएसपी यातायात प्रभारी उत्तम प्रताप सिंह सहित राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग, परिवहन और खनिज विभाग के अधिकारी तथा सभी एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

Back to top button