रायपुर : नए आपराधिक कानूनों के अमल में तेजी लाएगी सरकार, FIR से चार्जशीट तक ऑनलाइन होगी प्रक्रिया
गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में की समीक्षा, NCLI डैशबोर्ड पर छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन में सुधार
रायपुर, 8 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने और पुलिस से लेकर न्यायालय तक की प्रक्रिया को अधिक तेज बनाने की दिशा में सरकार ने काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
NCLI डैशबोर्ड पर राज्य के प्रदर्शन की समीक्षा
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (NCLI) डैशबोर्ड पर छत्तीसगढ़ की स्थिति की समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने अलग-अलग मापदंडों पर राज्य के प्रदर्शन में हुए सुधार पर संतोष जताते हुए रैंकिंग को और बेहतर करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
अधिकारियों के अनुसार, जुलाई से राज्य की रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है। गृह मंत्री ने इस प्रगति को बनाए रखने और सभी मानकों में प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए।
FIR से कोर्ट तक प्रक्रिया ऑनलाइन करने पर जोर
बैठक में पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बीच लगने वाले समय को कम करने पर विशेष जोर दिया गया। गृह मंत्री ने FIR और चार्जशीट को सीधे ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था जल्द पूरा करने को कहा।
इसके साथ ही निर्धारित समय-सीमा में चार्जशीट ऑनलाइन कोर्ट में प्रस्तुत करने की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
NAFIS और ई-साक्ष्य का बढ़ेगा इस्तेमाल
नई व्यवस्था के तहत पुलिस थानों में नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) और ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने सभी थानों को इन तकनीकी प्रणालियों के इस्तेमाल के लिए आवश्यक रूप से तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं, ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामील समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
CCTNS और ICJS की तकनीकी दिक्कतों पर चर्चा
समीक्षा बैठक में नए आपराधिक कानूनों के अलावा CCTNS और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के क्रियान्वयन में सामने आ रही तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
बैठक में BPR&D, NCRB और NIC के अधिकारियों के साथ इन समस्याओं के समाधान पर विचार किया गया। जिन मामलों में केंद्रीय स्तर से तकनीकी सहयोग की जरूरत है, उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए।
सिर्फ तकनीक नहीं, पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण भी जरूरी
गृह मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नई तकनीकी व्यवस्था तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नई व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षित करना भी जरूरी है, ताकि इसका वास्तविक लाभ जांच और न्याय प्रक्रिया में दिखाई दे।
लंबित अधिसूचनाओं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाओं को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन नए आपराधिक कानूनों की निगरानी करता है NCLI
NCLI डैशबोर्ड केंद्रीय गृह मंत्रालय का डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के देशभर में क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।
सरकार का लक्ष्य नई व्यवस्था के जरिए पुलिस जांच, डिजिटल साक्ष्य, समन और चार्जशीट जैसी प्रक्रियाओं को अधिक समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है।












