लखनऊ अग्निकांड में दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
लखनऊ।
धुएं ने ली जान, कई लोग नहीं निकल सके बाहर
जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद भवन में तेजी से धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। चिकित्सकों के मुताबिक अधिकांश मृतकों के शरीर पर गंभीर जलने के निशान नहीं मिले, जबकि दम घुटने के स्पष्ट संकेत पाए गए हैं।
एक ही प्रवेश-निकास मार्ग बना बड़ी समस्या
प्राथमिकी (एफआईआर) और जांच में सामने आया है कि भवन में आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी। प्रवेश और निकास के लिए केवल एक मुख्य रास्ता था। धुएं के निकास की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग भवन के भीतर फंस गए।
चार आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी जांच जारी
मामले में भवन मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। साथ ही कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
राज्यभर में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीर चेतावनी बताते हुए प्रदेशभर में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार भवन सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



