
दल्लीराजहरा। बालोद जिले का सबसे बड़ा नगर दल्लीराजहरा, जहां पर कच्चे लोहे की खदानों का समूह है। इस नगर की आबादी तकरीबन 50 हजार के आसपास है। लेकिन इस नगर में स्वास्थ्य सुविधा के लिये आज तक शासकीय अस्पताल की सुविधा नहीं मिल पाई है। बीएसपी के द्वारा अपने कर्मचारियों के लिये एक अस्पताल स्थापित है। लेकिन वहां भी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है। वही बताया जा रहा है कि आज की स्थिति में बीएसपी के द्वारा संचालित अस्पताल महज रेफर सेंटर बन गया है। दल्ली राजहरा वासियों द्वारा शासकीय अस्पताल की मांग कई बार की गई। भिलाई इस्पात संयंत्र की चिमनियां कई दसकों से राजहरा लौह खदानों के बदौलत जल रही है। यहां की खदानों से कच्चा लोहा खोदकर भिलाई इस्पात संयत्र को भेजा जा रहा है। लगभग 60 सालों से दल्ली राजहरा नगर यहां स्थापित है। लेकिन स्वास्थ्य सुविधा के लिये शासकीय अस्पताल का अभाव शुरू से बना हुआ है। यहां के लोगों के इलाज के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है। लोग अब यहां स्वास्थ्य सुविधा के लिये एक सर्व सुविधायुक्त शासकीय अस्पताल की जरूरत महसूस करने लगे हैं। ताकि उन्हे स्वास्थ्य सुविधा के लिये दिगर नगरों का रुख ना करना पड़े।



