विश्व जनसंख्या दिवस पर जिंदल फाउंडेशन ने किया जागरूकता कार्यक्रम, परिवार नियोजन अपनाने वाले दंपतियों का सम्मान

निश्चित आयु में विवाह, बच्चों के बीच तीन वर्ष का अंतर और परिवार नियोजन को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर

रायगढ़, 11 जुलाई। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिंदल फाउंडेशन द्वारा जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिंदल पावर प्लांट एवं माइंस क्षेत्र से जुड़े उन दंपतियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने निर्धारित आयु में विवाह किया, दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखा तथा दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन अपनाकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुष्मान आरोग्य मंदिर लिबरा के प्रभारी डॉ. पवन डनसेना थे। कार्यक्रम में जिंदल पावर के सीएसआर ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट ऋषिकेश शर्मा, एजीएम सीएसआर राजेश रावत तथा लिबरा अस्पताल की करुणा सैनी भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पवन डनसेना ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए छोटे और नियोजित परिवार की अवधारणा महत्वपूर्ण है। उन्होंने दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखने पर जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ माता-पिता को भी उनके बेहतर पालन-पोषण का अवसर मिलता है।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के समय पर टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और परिवार नियोजन के साधनों के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी उपायों की जानकारी भी दी।

एजीएम सीएसआर राजेश रावत ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या आज वैश्विक चिंता का विषय है। सीमित परिवार होने पर बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से घटी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर

सीएसआर ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट ऋषिकेश शर्मा ने कहा कि पहले स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में शिशु मृत्यु दर अधिक होने के कारण लोग अधिक बच्चे पैदा करते थे, लेकिन अब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण स्थिति बदल रही है।

उन्होंने बताया कि जिंदल फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में संचालित वात्सल्य योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जांच, पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इन प्रयासों से तमनार क्षेत्र में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज में अभी भी पुत्र प्राप्ति की इच्छा के कारण अधिक बच्चे पैदा करने की प्रवृत्ति देखी जाती है, जिसे बदलने के लिए जागरूकता आवश्यक है।

कार्यक्रम का संचालन नीतू सारस्वत ने किया।

राबो आंगनबाड़ी केंद्र में भी हुआ सम्मान समारोह

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राबो के आंगनबाड़ी केंद्र में भी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान जिंदल के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह, उपसरपंच चंपा राठिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भानूमति राठिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को जनसंख्या स्थिरीकरण, मातृ स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के महत्व की जानकारी देते हुए जागरूक रहने का आह्वान किया।

Back to top button