
विश्व पर्यावरण दिवस पर रायगढ़ में हरित विकास का महाअभियान, जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर रहेगा जोर
रायगढ़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी नरेगा एवं “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जिलेभर की ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
जल संरक्षण कार्यों को मिली नई गति
जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष में सैकड़ों जल संरक्षण और जल संवर्धन कार्यों का क्रियान्वयन किया गया, जबकि वर्तमान वर्ष में भी नए कार्यों को स्वीकृति दी गई है। अमृत सरोवर, तालाब, जलाशय, स्टॉप डैम और अन्य संरचनाओं के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
वृक्षारोपण अभियान को मिलेगा विस्तार
हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य किए जा रहे हैं। व्यक्तिगत वृक्षारोपण, सामुदायिक पौधरोपण और सड़क किनारे पौधे लगाने जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
‘एक बच्चा-एक पौधा’ अभियान बनेगा आकर्षण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चित्रकला, निबंध और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही “एक बच्चा-एक पौधा” अभियान के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
ग्राम सभाओं में लिया जाएगा संकल्प
जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधरोपण तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर चर्चा की जाएगी। ग्राम स्तर पर स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया जाएगा।
जनभागीदारी पर रहेगा विशेष फोकस
प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों को कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह अभियान जिले में जल सुरक्षा, हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


