शराब घोटाला मामला : चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और राज्य सरकार की याचिकाएं खारिज कीं
हाईकोर्ट की जमानत पर मुहर, ईओडब्ल्यू पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियां हटाने के दिए निर्देश
नई दिल्ली/रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत यथावत बनी रहेगी।
जमानत आदेशों को चुनौती देने की प्रवृत्ति पर जताई चिंता
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जमानत आदेशों को नियमित रूप से चुनौती देने की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत रद्द करने का आधार केवल ठोस कानूनी त्रुटियां हो सकती हैं और इस विषय पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
हाईकोर्ट की टिप्पणियां हटाने का निर्देश
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) के संबंध में की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने का निर्देश भी दिया है।
जनवरी में मिली थी नियमित जमानत
उल्लेखनीय है कि 2 जनवरी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईडी तथा ईओडब्ल्यू/एसीबी द्वारा दर्ज मामलों में चैतन्य बघेल को नियमित जमानत प्रदान की थी। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया था कि मामले की जांच लंबे समय से जारी है और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए जमानत दिया जाना उचित है।
कानूनी राहत बरकरार
सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद चैतन्य बघेल की जमानत पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं, ईडी और राज्य सरकार द्वारा दायर दोनों याचिकाओं के खारिज होने से उन्हें इस मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।



