संसदीय सचिव साहू ने किया कैबिनेट के निर्णय का स्वागत 

कांग्रेस की  सरकार हमेशा किसानों के साथ, किसानों को मिलेगा अब डबल फायदा
बलौदाबाजार,
फागुलाल रात्रे, लवन।  
बुधवार को संपन्न हुए कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गये है । इन सभी फैसलों का स्वागत करते हुए संसदीय सचिव शकुंतला साहू ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के हर जरूरतों को समझती है और हमारा हर निर्णय किसानों के पक्ष में ही होता है। संसदीय सचिव ने कहा कि हमारी सरकार अब किसानों को डबल फायदा दिलवा रही है । उन्होंने ने कहा कि अगर खेत में हमारे किसान भाई धान की खेती करते है तो 2500 रुपये समर्थन मूल्य में सरकार धान लेती है और अगर धान के बदले अन्य फसल की खेती करते है तो प्रति एकड़ 10 हज़ार रुपये की इनपुट सब्सिडी अब हमारी सरकार देगी।  साहू ने कहा कि हमारी सरकार का निर्णय यह बताती है कि हम सभी किसानों की जरूरतों को पहले समझते है फिर उसी आधार पर निर्णय भी लेते है । आपको बताते चले की भूपेश कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि अब धान के बदले अन्य फसलों की खेती पर छत्तीसगढ़ सरकार देगी प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी मिलेगी साथ ही खरीफ सीजन 2020-21 में धान तथा 2021-22 से हर साल धान सहित खरीफ की सभी प्रमुख फसलों पर प्रति एकड़ 9000 रूपए की इनपुट सब्सिडी मिलेगी ।
शकुंतला साहू ने उन निर्णयों के भी स्वागत किया जिसमें सरकार ने निर्णय लिया है कि अब कोदो का समर्थन मूल्य 3 हजार रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के साथ अब सुपर कम्पोस्ट खाद का भी होने लगा उत्पादन: न्यूनतम मूल्य 6 रूपए प्रति किलो मिलेगी ।
शकुंतला साहू ने आगे कहा कि सरकार ने आगामी खरीफ सीजन 2021-22 से धान वाले रकबे में धान के बदले अन्य चिन्हित खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ के मान से 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दिए जाने का निर्णय लिया है। इससे राज्य में धान के अलावा अन्य फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2020-21 में धान तथा 2021-22 से धान के साथ ही खरीफ की सभी प्रमुख फसलों पर प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 9000 रूपए इनपुट सब्सिडी देने फैसला लिया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोदो का समर्थन मूल्य 3 हजार रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। गौठानों में तैयार सुपर कम्पोस्ट खाद न्यूनतम मूल्य 6 रूपए प्रति किलो की दर से किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्ष 2020-21 में जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है, यदि वह धान के बदले कोदो-कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टिफाइड धान की फसल लेते हैं अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें प्रति एकड़ 9 हजार रूपए के स्थान पर 10 हजार रूपए इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। वृक्षारोपण करने वालों को तीन वर्षों तक अनुदान मिलेगा।
शकुंतला साहू ने जानकारी देते बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का आगामी खरीफ सीजन 2021-22 से दायरा बढ़ाते हुए इसमें धान के साथ-साथ खरीफ की सभी प्रमुख फसलों मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो-कुटकी, अरहर के उत्पादकों को भी प्रतिवर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया।
शकुंतला साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि खरीफ सीजन 2020-21 में धान के रकबे वाले खेतों में यदि किसानों द्वारा आगामी खरीफ सीजन 2021-22 से अन्य चिन्हित फसलों की खेती की जाती है, तो उन्हें 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी प्रति एकड़ के मान से दी जाएगी। खेतों में पेड़ लगाने वाले किसानों को आगामी तीन वर्ष तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी।
शकुंतला साहू ने कहा कि हमारी सरकार किसान न्याय योजना के तहत किसानों को 21 मई को भुगतान भी करेगी जिसके बारे में
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि विभाग को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत धान के बजाए अन्य फसलों की खेती पर प्रति एकड़ के मान से किसानों को दी जाने वाली 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी, गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के साथ-साथ अब सुपर कम्पोस्ट खाद के उत्पादन एवं इसके विक्रय मूल्य एवं लाभ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा ताकि राज्य के ज्यादा से ज्यादा किसान इसका फायदा उठा सकें।
बैठक में कृषि विभाग के पंजीयन पोर्टल में धान के साथ साथ अन्य फसलों के पंजीयन के लिए इस पोर्टल को अपग्रेड करने, खरीफ फसलों की गिरदावरी के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसका एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
गोबर उत्पादित खाद ’सुपर कम्पोस्ट’
शकुंतला साहू ने बताया कि हमारी सरकार गौधन को लेकर भी संजीदा है । इसलिए बैठक में गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के साथ साथ अब अतिशेष गोबर से आर्गेनिक मेन्योर खाद के उत्पादन एवं इसके विक्रय को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अतिशेष गोबर से तैयार होने वाली आर्गेनिक मैन्योर खाद को सुपर कम्पोस्ट नाम दिया और इसकी मार्केटिंग की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यहां यह उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई 2020 से राज्य के ग्रामीण अंचलों में सुराजी गांव योजना के तहत पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गौठानों का निर्माण किया गया है। इन गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है और इससे महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से बडे पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण भी किया जा रहा है। गौठानों में अतिशेष गोबर से सुपर कम्पोस्ट खाद का उत्पादन भी किया जा रहा है। अतिशेष गोबर से तैयार की जाने वाली आर्गेनिक मैन्योर खाद, जिसे सुपर कम्पोस्ट नाम दिया गया है। यह खाद वास्तव में बेसल डोज खाद है। जिसे गोबर की कम्पोस्टिंग कर तैयार किया जाता है। यह बेहतर गुणवत्ता वाली खाद है, जिसका उपयोग किसान खेती में कर सकेंगे। यह खाद किसानों को न्यूनतम मूल्य 6 रूपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जाएगी।

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