
सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 25, रायपुर में इलाज के दौरान एक और की मौत
सक्ती, 24 अप्रैल 2026: सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। घायल बिस्वजीत साहू ने रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
36 झुलसे थे, 25 की अब तक मौत
हादसे में कुल 36 लोग झुलसे थे, जिनमें से अब तक 25 की मौत हो चुकी है। वर्तमान में 3 घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 5 मरीज ऑब्जर्वेशन में हैं और 2 को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।
कार्डियक अरेस्ट से गई जान
मृतक बिस्वजीत साहू को इलाज के दौरान दूसरी बार कार्डियक अरेस्ट आया। डॉक्टरों ने सीपीआर और डिफिब्रिलेशन किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
बॉयलर ब्लास्ट बना हादसे की वजह
जांच में पाया गया कि बॉयलर फर्नेस में अत्यधिक फ्यूल जमा होने से प्रेशर तेजी से बढ़ा, जिससे पाइपलाइन फट गई और विस्फोट हुआ। बताया गया कि उत्पादन बढ़ाने के लिए कम समय में लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट कर दिया गया था।
मेंटेनेंस और ऑपरेशन पर सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि मशीनों के रखरखाव, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर चूक हुई। ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एनजीएसएल के पास थी, जिसकी भूमिका भी जांच के घेरे में है।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
कलेक्टर ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें हादसे के कारण, जिम्मेदार अधिकारी और भविष्य में रोकथाम के उपाय शामिल होंगे।
मुआवजे का ऐलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भी अलग-अलग आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
जांच पर उठे सवाल
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।


