सरपंच बना रेत माफिया, दबंगई व मनमानी पूर्वक चला रहा बिना स्वीकृत रेत घाट
बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
जिले में नदियों से रेत खनन पर कलेक्टर ने पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन कलेक्टर का यह आदेश रेत माफियाओं के आगे बौना साबित हो रहा। रेत माफिया खुलेआम नदियों से रेत निकालकर बेच रहे है। नदियों से रेत खनन कराने का ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत हरदी का सामने आया है। हरदी के ग्रामीणों ने बताया कि यहंा सरपंच सोमनाथ पटेल के द्वारा वसूली के लिये किराये का आदमी रखकर हर टैªक्टर ट्राली से 200-300 रूपये लिये जा रहे है। अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से सरपंच सोमनाथ के द्वारा अस्थाई रूप से रैंप बनाकर नदी से रेत निकालकर खुलेआम बेचा जा रहा है। यह सिलसिला पिछले ढाई माह से चल रहा है। खनिज विभाग को रेत उत्खनन होने के संबंध में जानकारी लगने पर रैंप को तीन बार ध्वस्त कर चूके है इसके बावजूद यहंा के सरपंच के द्वारा दबंगई व मनमानी पूर्वक नदियां का सीना छलनी कर खुलेआम रेत उत्खन्न का कार्य किया जा रहा है। यहंा सरपंच की मनमानी इस कदर हावी है कि रेत उत्खनन में लगे सरपंच के गुर्गो के द्वारा जेसीबी मशीन से रैंप को पुनः ठीक कर खुलेआम नदी का सीना छलनी कर रहे है। हरदी में रेत का अवैध उत्खनन सुबह 5 बजे से शुरू हो जाता है जो पूरे दिन तक चलता रहता है।
सूत्रो से जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि एक दिन में 100 से 150 टैªक्टर ट्राली नदी से रेतभर जा रही है। यहंा के ग्रामीणों ने बताया कि यहंा के सरपंच ग्राम चितावर के रहने वाले सुनील वर्मा को किराये पर रखकर खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन करा रहे है। वही, लगातार चल रहे अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग के द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते यहंा रोजाना अवैध उत्खनन का कार्य तेजी से चल रहा है। सरपंच लाखों रूपया मुनाफा बटोरकर शासन-प्रशासन को राजस्व की क्षति पहुंचा रहे है।
वही, बिना स्वीकृति के रेत निकालना और बेचना राज्य सरकार की संपत्ति की चोरी माना जाता है। इसके तहत आरोपियों पर आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज हो सकता है। यहंा के कुछ ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि सरपंच सोमनाथ पटेल सरपंच पद का दुरूपयोग कर रहा है। यदि जांच होने पर रेत उत्खनन में संलिप्त पाया जाता है तो उसे सरपंच पद से हटा देना चाहिए। वही, खनिज विभाग को रेत उत्खनन होने की जानकारी लगने पर जेसीबी मशीन से रैप को ध्वस्त कर दिया जाता है अब तक तीन बार ध्वस्त किया जा चूका है लेकिन सरपंच की मनमानी इतनी की खनिज विभाग के जाते ही रैंप को मिट्टी से पाटकर पुनः उत्खनन शुरू किया जाता है। जिस पर सरपंच के विरूद्व कार्यवाही की जानी चाहिए।

