
सुकमा को 308 करोड़ की सौगात, बस्तर में विकास को नई रफ्तार
रायपुर/सुकमा। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
विकास को बताया सरकार की प्राथमिकता
मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में शांति का माहौल बन रहा है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यधारा से जुड़ रहा बस्तर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब शिक्षा और विकास की गतिविधियां बढ़ रही हैं। हजारों लोगों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के जरिए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण कर हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, दवाइयां और जरूरी सामग्री भी वितरित की गई।
हितग्राहियों को मिला सीधा लाभ
विभिन्न विभागों के स्टॉल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को सहायता सामग्री, प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ प्रदान किया। दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर और ट्राइसिकल वितरित किए गए, वहीं स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आवास, रोजगार और अधिकार पर फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना, वनाधिकार पट्टा वितरण और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए भी कई पहल की गईं।
नियद नेल्लानार योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत सैकड़ों गांवों में विकास कार्य किए जा चुके हैं। अब इसके अगले चरण में और जिलों को शामिल कर विकास को और व्यापक बनाया जाएगा।
सरकार द्वारा की गई घोषणाओं और परियोजनाओं से बस्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

