सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला, कुलदीप साहू समेत 3 को फांसी; चौथे दोषी को उम्रकैद
सूरजपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने गुरुवार को सजा का ऐलान कर दिया। अदालत ने मुख्य दोषी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वहीं चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
मामले में कुलदीप साहू के अलावा चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह चौधरी को भी फांसी की सजा सुनाई गई है। अदालत ने यह फैसला हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में सुनाया।
29 सितंबर को चारों ठहराए गए थे दोषी
इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। पीड़ित पक्ष की ओर से दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की गई थी।
2024 में हुई थी मां-बेटी की हत्या
यह मामला अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े आरोप भी सामने आए।
पुलिस जांच के मुताबिक, दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर एक स्थान से बरामद हुए थे। घटना के बाद मामले ने पूरे प्रदेश में व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की थी।
मुख्य आरोपी पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने का भी मामला
मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश और अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़े मामले भी सामने आए थे। इनमें से एक मामले में उसे अलग से 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
अदालत के फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया
फास्ट ट्रैक अदालत के फैसले के तहत तीन दोषियों को मृत्युदंड और एक को मरते दम तक उम्रकैद मिली है। मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया भी होती है, इसलिए आज का फैसला मामले की ट्रायल कोर्ट की सजा है और इसके बाद कानून के मुताबिक अगली प्रक्रिया जारी रहेगी।
सूरजपुर का यह मामला करीब दो साल से न्यायिक प्रक्रिया में था। 29 सितंबर को दोषसिद्धि और अब 8 अक्टूबर को सजा सुनाए जाने के बाद मामले में ट्रायल कोर्ट स्तर पर फैसला सामने आ गया है।
