सूरजपुर में बाल विवाह के दो मामले सामने आए, नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया

सूरजपुर जिले में बाल विवाह के दो मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।


पति के घर से रेस्क्यू की गई नाबालिग

प्रशासन को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की का विवाह करा दिया गया है। जांच में पता चला कि बालिका कथित रूप से विवाह के बाद ससुराल में रह रही थी।

टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका को रेस्क्यू किया और सुरक्षित स्थान पर भेजा।


1098 पर मिली दूसरी सूचना

दूसरे मामले में टोल फ्री नंबर 1098 पर बाल विवाह की सूचना मिली थी। प्रशासनिक टीम जब गांव पहुंची तो पूछताछ के दौरान विवाह की जानकारी सामने आई।

इसके बाद टीम संबंधित गांव पहुंची और नाबालिग लड़की को वहां से सुरक्षित निकाला गया।


बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश की गईं बालिकाएं

प्रशासन के अनुसार दोनों नाबालिग लड़कियों को सखी वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

मामले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


प्रशासन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति

जिला प्रशासन ने कहा है कि बाल विवाह को लेकर जिले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।

अधिकारियों ने लोगों से बाल विवाह की सूचना तत्काल 1098 या प्रशासन को देने की अपील की है।

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