अजान और सियासी शोर! जल्द थमेगा सियासी शोर या गूंजेगा और ज्यादा…पढ़िए पूरी खबर
भोपाल:
मध्यप्रदेश में एक बार फिर अजान पर घमासान मचा है। इस बार इसकी शुरूआत इंदौर से हुई, जहां मस्सिजों में लाउडस्पीकर से होने वाली अजान के खिलाफ वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। इसके बाद मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। दरअसल इंदौर के अधिवक्ता परीषद ने इस संबंध में एक ज्ञापन संभागायुक्त को सौंपा है, जिसमें अजान से हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर आपत्ति जताते हुए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।हालांकि वकीलों का कहना है, कि ये मांग किसी धर्म विशेष को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं है, लेकिन मस्जिदों पर बड़े-बड़े लाउडस्पीकर लगाकर अजान करने का क्या मकसद है। तेज आवाज की वजह से कोर्ट के कामकाज में दिक्कतें आती है। वकीलों की मांग को बीजेपी के बढ़े नेताओं का भी समर्थन मिला है। राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस मामले में न्यायालय पहले भी फैसला दे चुका है, लेकिन जिला प्रशासन अमल में नहीं ला रहा है। दूसरी ओर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा इस मामले में परीक्षण कराने की बात कह चुके हैं।
अजान को लेकर वकीलों की मांग और बीजेपी नेताओं के बयान पर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि सवेंदनशील मुद्दों को छोड़कर बीजेपी मुस्लिमों को टारगेट करने कर रही है। वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब लाउडस्पीकर पर होने वाली अजान को बंद की मांग उठी है। गायक सोनू निगम भी बोल चुके हैं कि लाऊडस्पीकर की आवाज से सुबह सुबह बहुत परेशानी होती है। इसके अलावा इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति ने भी मस्जिदों से आने वाली अजान से नींद खराब होने की बात कहीं थी। वहीं भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भी सार्वजनिक मंच से अजान पर आपत्ति जाहिर कर चुकी हैं। ऐसे में अब वकीलों की मांग के बाद से अजान का मुद्दा फिर से गर्माता दिख रहा है। अब सवाल ये है कि लाउडस्पीकर के बहाने अजान पर शुरू हुआ सियासी शोर जल्द थमेगा या और ज्यादा गूंजेगा?




