
रायपुर. रीयल एस्टेट में इस बार पांच सौ करोड़ से ज्यादा की दीपावली होने की संभावना है। नवरात्रि से ही मकानों के साथ प्लांटों की बुकिंग प्रारंभ हो गई है। जिन योजनाओं के मकान बने हुए हैं, उनको तत्काल लेकर उनकी रजिस्ट्री भी कराई जा रही है। पिछले साल चार सौ करोड़ का कारोबार हुआ था, तब करीब डेढ़ हजार मकान बिके थे। इस साल दो हजार के आसपास मकान बिकने की संभावना है। कोरोनाकाल के कारण पिछले साल हर सेक्टर प्रभावित रहा, इससे रीयल एस्टेट भी अछूता नहीं रहा। रीयस एस्टेट में यूं तो हर माह मकानों की बिक्री होती है, लेकिन ज्यादातर मकानों की बिक्री का काम नवरात्रि से प्रारंभ होता है, जो धनतेरस तक चलता है। पिछले साल कोरोना के कारण कारोबार बहुत ज्यादा प्रभावित होने की संभावना थी, लेकिन इस संभावना के विपरीत नवरात्रि से लेकर दीपावली तक जमकर कारोबार हुआ।
इसके पीछे का कारण यह रहा कि लोगों को कोरोना के कारण घरों की अहमियत समझ आई। कोरोनाकाल में वर्क फ्राॅम होम का प्रचलन चला, उसके कारण लोगों को लगा कि अपना घर होना जरूरी है, क्योंकि न जाने यह कोरोना कब तक चलेगा। इतने मकान बिकने की संभावना रीयल एस्टेट में इस बार पांच सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की संभावना है। जहां तक मकानों का सवाल है तो एक छोटे मकान की कीमत 15 लाख से 40 लाख तक है। ऐसे में औसत 25 लाख का एक मकान माना जाता है। ऐसे में दो हजार के आसपास मकान बिकने की संभावना है। मकानों के अलावा प्लांटों का कारोबार भी सौ करोड़ के आसपास होने की उम्मीद जताई जा रही है। योजनाओं की बाढ़ पिछले साल से रीयल एस्टेट में आए बूम के बाद से ही इस साल के प्रारंभ से ही नई योजनाओं की बाढ़ आ गई है। इस साल तो पिछले साल से ज्यादा नई योजनाएं लांच हुई हैं। पिछले साल जहां 97 योजनाएं लांच हुई थीं, वहीं इस साल अब तक 110 योजनाएं लांच हो चुकी हैं। दीपावली तक और कई योजनाओं लांच हो जाएंगी। ज्यादातर योजनाएं रायपुर और इसके आसपास ही लांच हो रही हैं। पुरानी योजनाएं भी रायपुर में ज्यादा हैं। ज्यादा होगा कारोबार पिछले साल से इस साल कारोबार 20 से 25 फीसदी ज्यादा होने की संभावना है। नवरात्रि से ही मकानों और प्लांटों की बुकिंग प्रारंभ हाे गई है।




