2 साल की बेटी को पहले गले लगाया फिर गला दबाकर मार दिया आखिर पिता ऐसा क्यों किया,,,,

एक 45 वर्षीय इंजीनियर ने अपनी दो साल की मासूम बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी है। हत्यारे पिता का दावा है कि उसके पास अपनी बेटी को खिलाने को पैसे नहीं थे इसलिए उसे मार डाला। पुलिस ने बताया कि बेटी को मारने के बाद इंजीनियर पिता ने खुद भी आत्महत्या की नाकाम कोशिश की थी। बेंगलुरू पुलिस ने आरोपी को अपनी बेटी की हत्या के आरोप में अरेस्ट कर लिया है।

कोलार तालुक के केंदत्ती गांव की घटना
आरोपी इंजीनियर राहुल परमार गुजरात का रहने वाला बताया जा रहा है। वह दो साल पहले बेंगलुरू में रहने लगा था। अपनी पत्नी भाव्या के साथ वह टेक सिटी में रहने आया था। शनिवार की रात में कोलार तालुक के केंदत्ती गांव के एक तालाब में दो साल की एक बच्ची का शव मिलने के बाद गांव के लोगों ने पुलिस को सूचित किया। तालाब के पास एक नीले रंग की कार भी मिली थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची कोलार ग्रामीण थाने की पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपी इंजीनियर राहुल परमार को अरेस्ट कर लिया।

15 नवम्बर से लापता थे बाप-बेटी
पुलिस में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट के अनुसार राहुल परमार अपनी दो साल की बेटी के साथ 15 नवम्बर से लापता था। राहुल की पत्नी भाव्या ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गांववालों की सूचना पर जब पुलिस ने शव बरामद किया तो पड़ताल शुरू किया। इसके बाद पूरा सच सामने आया। पुलिस ने जब राहुल परमार से पूछताछ किया तो सारा सच सामने आया। राहुल ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी को कार में गले लगाया और उसके साथ समय बिताया, उसके साथ खेला और फिर उसे मार डाला क्योंकि उसके पास पैसे नहीं थे और वह उसे खिलाने में सक्षम नहीं था।

आर्थिक रूप से हो गया था बर्बाद
पुलिस के मुताबिक राहुल परमार पिछले 6 महीने से बेरोजगार था और बिटकॉइन के कारोबार में उसे आर्थिक नुकसान हुआ था। उधर, परमार के घर पर भीषण चोरी भी हो गई थी और उसके घर के सोने के गहने भी चोरी हो गए थे। राहुल परमार ने बेंगलुरू पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज कराया था। जबकि पुलिस का दावा है कि राहुल ने चोरी की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार राहुल ने ही घर से जेवर चोरी कर गिरवी रखे थे। उसने पुलिस में चोरी का झूठा मामला दर्ज कराया था। पुलिस को यह भी संदेह है कि झूठा केस दर्ज होने की डर से उसने कुछ किया हो।

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