20 वर्षों से सड़क की मांग को लेकर 15 पंचायतों का महाचक्का जाम, PWD के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

केशला–तोलगे मार्ग की मरम्मत 15 अगस्त तक और 19.91 करोड़ की विशेष मरम्मत का कार्य 15 अक्टूबर से शुरू करने का दावा

रायगढ़/लैलूंगा। केशला–तोलगे सड़क के निर्माण एवं मरम्मत की मांग को लेकर शनिवार को लैलूंगा क्षेत्र में 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने केशला मोड़ (कुंजारा) में महाचक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं, युवा, व्यापारी, छात्र और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। आंदोलन के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लिखित आश्वासन सौंपने के बाद प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।

20 वर्षों से सड़क की बदहाली का मुद्दा

आंदोलनकारियों का कहना है कि केशला–तोलगे मार्ग पिछले करीब दो दशकों से जर्जर स्थिति में है। बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की उपज के परिवहन, मरीजों के इलाज और स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है।

लोकगीत और भजनों के माध्यम से जताया विरोध

महाचक्का जाम के दौरान विभिन्न गांवों से पहुंचे कीर्तन मंडलों और लोक कलाकारों ने गीत-भजनों के माध्यम से सड़क निर्माण की मांग उठाई। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का विरोध नहीं, बल्कि क्षेत्र की मूलभूत समस्या का समाधान कराना है।

महिलाओं और युवाओं की रही सक्रिय भागीदारी

आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। ग्रामीणों ने कहा कि बेहतर सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार सहित पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

PWD का लिखित आश्वासन

लोक निर्माण विभाग ने आंदोलनकारियों को दिए गए लिखित आश्वासन में बताया कि उरबा–तोलगे (लगभग 14.60 किमी) सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 19.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग के अनुसार निविदा प्रक्रिया जारी है और 15 अक्टूबर 2026 से विशेष मरम्मत कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके साथ ही बरसात के दौरान आवागमन सुचारु रखने के लिए 15 अगस्त तक पैच मरम्मत कर सड़क को चलने योग्य बनाने का भी आश्वासन दिया गया है।

74.47 करोड़ की नई सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजा

विभाग ने यह भी जानकारी दी कि उरबा–तमनार (23.20 किमी) सड़क के स्थायी निर्माण के लिए लगभग 74.47 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें निजी भूमि अधिग्रहण और वन भूमि डायवर्जन की प्रक्रिया भी शामिल है। आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद अक्टूबर 2027 से निर्माण कार्य शुरू होने का अनुमान है।

लंबे जनसंपर्क अभियान के बाद हुआ आंदोलन

संघर्ष समिति के अनुसार, महाचक्का जाम से पहले 19 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंपर्क अभियान, हस्ताक्षर अभियान, पूजा-अर्चना, मशाल यात्रा और गांव-गांव बैठकों के माध्यम से लोगों को आंदोलन से जोड़ा गया। समिति ने कहा कि यदि तय समयसीमा में विभाग अपने आश्वासन पर अमल नहीं करता है, तो आगे की रणनीति पर पुनः निर्णय लिया जाएगा।

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