71 लाख के तहसील भवन में तीन साल में दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
सकरी तहसील कार्यालय में जगह-जगह मोटी दरारें, रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर चिंता; निर्माण कार्य की जांच की मांग
अनिल शुक्ला @ सकरी। करीब 71 लाख 12 हजार रुपये की लागत से वर्ष 2023 में तैयार सकरी तहसील कार्यालय भवन महज तीन साल में ही जर्जर नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल संभाग बिलासपुर द्वारा निर्मित भवन के विभिन्न कोर्ट रूम की दीवारों में मोटी दरारें दिखाई दे रही हैं। इससे भवन की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं और निर्माण कार्य में संभावित अनियमितता की तकनीकी जांच की मांग की जा रही है।
नवीन भवन में एक तहसीलदार, दो नायब तहसीलदार एवं एक कार्यपालिक दंडाधिकारी के लिए कोर्ट रूम एवं कक्ष, अधिकारियों के निजी कक्ष, रिकॉर्ड रूम, कर्मचारियों के कक्ष, शौचालय, चॉइस सेंटर तथा अधिवक्ताओं के लिए अलग कक्ष बनाए गए हैं। इसके बावजूद भवन की मौजूदा हालत चिंता का विषय बनी हुई है।
रिकॉर्ड रूम की सुरक्षा पर चिंता
तहसील कार्यालय में क्षेत्र के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेख रखे जाते हैं। दीवारों में लगातार दिखाई दे रही दरारों के बीच इन दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मांग की जा रही है कि भवन की संरचनात्मक जांच कराकर यह स्पष्ट किया जाए कि दरारें केवल प्लास्टर तक सीमित हैं या निर्माण की मूल संरचना से जुड़ी हैं।
पुराने कार्यालय से 5 किमी दूर, सुविधाओं का अभाव
पुराना सकरी तहसील कार्यालय आसान पहुंच वाले स्थान पर था, जहां बाजार और चाय-नाश्ते सहित दैनिक जरूरत की सामग्री आसानी से उपलब्ध थी। अब कार्यालय को करीब 5 किलोमीटर दूर भरनी-परसदा मार्ग पर शिफ्ट किया गया है। आसपास बाजार और आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। क्षेत्र में शाम के बाद पर्याप्त आवाजाही और प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से स्थान के सुनसान रहने की बात भी सामने आ रही है।
जांच से सामने आएगा सच
करीब 71 लाख रुपये की लागत से बने भवन की तीन साल में ऐसी स्थिति होने पर निर्माण की तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण, निर्माण पूर्णता, भुगतान और रखरखाव संबंधी दस्तावेजों की जांच जरूरी है। यदि जांच में निर्माण गुणवत्ता या प्रक्रिया में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि 71 लाख रुपये की लागत से बने इस सरकारी भवन में तीन साल में दरारें आखिर क्यों आईं और इसकी जवाबदेही किसकी है?
