भूपेंद्र गोस्वामी आपकी आवाज
छुरा::– गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेम्हरा के हाईस्कूल में सफाई कर्मी का चयन किया गया है।जिसमें विधवा सरस्वती बाई का 59 प्रतिशत अंक होते हुए भी 52 प्रतिशत अंक वाले अभ्यर्थी का चयन प्रक्रिया को गलत बताकर भर्ती प्रक्रिया को रद्द करते हुए पुनः चयन की मांग की है।
ज्ञात हो कि शासन प्रशासन के दिशा निर्देश पर सभी शालाओं में समिति गठन कर पदाधिकारियों का नियुक्ति किया जाता है शाला के सभी प्रकार के कार्य प्रबंधन समिति का होता। जिसमें छात्र छात्राओं के पालक गण को ही समिति के सदस्य और पदाधिकारी बनाकर नियुक्त करते है यही पदाधिकारियों के द्वारा प्रत्येक विद्यालय में नई पहल से लेकर विकास तक निर्णय लेते हुए कार्य करते है पर मजे कि बात यह कि गरियाबंद जिले के विकास खण्ड छुरा अंतर्गत ग्राम सेम्हरा के हाईस्कूल में बिना समिति के विद्यालय संचालन किस प्रकार कर रहे हैं जॉच का विषय है ।
हमारे संवाददाता को एक जानकारी मिली कि हाई स्कूल सेम्हरा में एक बेसहारा विधवा महिला के साथ नाइंसाफी की है संवाददाता ने भौतिक सत्यापन जानकारी ली कि आवेदिका विधवा महिला सरस्वती बाई ने बताया कि उनके पास अपने जीवन यापन करने का ना कोई साधन है ना कृषि भुमि है जिससे उनको अपना जीवन यापन व्यतीत कर सकें।
आवेदिका ने अनुविभागीय आधिकारी छुरा में सफाई कर्मी की चयन हेतु जांच के लिए आवेदन भी कर चुके है।
विद्यालय प्रबन्धन में प्रधानाचार्य की मुख्य भूमिका होती है। प्रधानाध्यापक छात्रों, अध्यापकों तथा स्थानीय समुदाय के मध्य सेतु की तरह कार्य करता है। अतः हम कह सकते है कि प्रधानाध्यापक,अध्यापकों एवं अन्य सहायक कर्मचारियों का निरीक्षणकर्ता होता है परन्तु सफाईकर्मी की चयन प्रक्रिया और प्रबन्धन समिति का गठन नही होने के विषय से संबंधित उनके पक्ष देने से टाल मटोल करते हुवे ग्रामवासी और ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा चयन बताते हुवे हाईस्कूल के प्राचार्या श्रीमती देवांगन ने मना कर दिया।
विकास खंड शिक्षा अधिकारी के.एल.मतवाले से चर्चा करने पर कहा कि सफाईकर्मी की चयन शाला प्रबन्धन समिति द्वारा प्रस्ताव कर किया जाता है वहां समिति नही है,समिति गठन के लिए आदेश जारी किया जा चुका है और समिति गठन अब तक क्यों नही बन पाई व सफाईकर्मी के चयन के लिए जांच टीम गठित कर जांच की जाएगी।
सवाल –
(1) शाला प्रबंधन समिति द्वारा सफाई कर्मी का चयन किया जाता है पर यहां तो समिति के गठन नहीं होने पर भी सफाई कर्मी का चयन करना उचित है अनुचित ?
(2) जॉच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप प्रत्यारोप कितना सही है और इसमें संबंधित अधिकारी इसमें क्या कार्यवाही करते है ?


