तिरंगे की शान.. भारतीयों के साथ पाकिस्तानी छात्रों के लिए भी ढाल बना तिरंगा.. दो बहनों ने बताई आपबीती

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यूक्रेन। रूस और यूक्रेन के बीच जंग से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सभी देश यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित वतन वापसी में जुटे हैं। इस बीच  यूक्रेन से भारत लौटीं मिली तिवारी और मुस्कान तिवारी ने बताया कि भारत को लेकर वहां माहौल बेहद सकारात्मक है।

दोनों बहनों ने बताया कि भारतीय छात्र ही नहीं बल्कि गैर मुल्कों के छात्र भी हाथ में तिरंगा लेकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंच रहे हैं। भारत के अलावा पाकिस्तान, तुर्की और नाइजीरिया के कई उनके जानने वाले छात्रों ने तिरंगा हाथ मे लेकर सफर तय किया ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। मिली ने बताया कि उसके विदेशी दोस्तों का कहना है कि उनके हाथों में तिरंगा देखकर हमें सुरक्षित निकले दिया गया।

दोनों बहनों ने बताया कि उन्होंने अपने शहर से रोमानिया के सुरक्षित बॉर्डर तक पहुंचने के लिए 5 दिनों तक सफर किया और इस दौरान वो दो दिनों तक रिफ्यूजी कैंप में भी रहीं। लेकिन रोमानिया पहुंचने के बाद घर पहुंचने तक केंद्र और राज्य सरकार ने छात्रों का पूरा ध्यान रखा।

दोनों बहनों के मुताबिक यूक्रेन से पोलैंड, हंगरी और रोमानिया तक पहुंचने के लिए छात्रों को खुद ही पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। उसके बाद रोमानिया के एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक और फिर उसके आगे घर तक पहुंचने का पूरा खर्चा सरकार ने उठाया है।

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस भारत लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे आपरेशन गंगा के तहत भोपाल की दो बहनें आज (गुरुवार) को अपने घर पहुंच गई। दोनों बहनें मिली तिवारी और मुस्कान तिवारी साल 2017 में MBBS की पढ़ाई करने यूक्रेन गई थीं।

 

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