
बिहार । राज्य के समाज कल्याण विभाग के मंत्री ने अफसरों की लापरवाही से परेशान होकर एक फरमान जारी किया है। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया में खूब हो रही हैं। मंत्री के फैसले से सरकारी कर्मचारी दहशत में है, वहीं आम जनता काफी खुश नजर आ रही है। दरअसल आए दिन किसी ना किसी व्यक्ति से सरकारी अधिकारी द्वारा फोन नहीं उठाने और काल बैक नहीं करने की परेशानी सामने आ रही थी। आम जनता इससे काफी त्रस्त थी।
जब इस समस्या से राज्य के समाज कल्याण विभाग के मंत्री जूझे तो वे बेहद चौंके और नींद में सोए सरकारी अफसरों के लिए आनन फानन में यह आदेश जारी कर दिया। जिसमें कहा गया है कि फोन न उठाने वाले अधिकारी-कर्मचारी को उस दिन अनुपस्थित मान कर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायकों-सांसदों की ऐसी ही शिकायत पर सामान्य प्रशासन विभाग को भी आदेश जारी करना पड़ा था।
यह पहला मौका नहीं, जब किसी विभाग ने अपने अधिकारियों को फोन उठाने के लिए आदेश जारी किया है। के आदेश में साफ कहा गया है कि जिला परियोजना पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के सरकारी मोबाइल पर काल करने पर रीसिव नहीं किया जाता है। अगर किसी अधिकारी ने फोन उठा भी लिया तो उधर से सही जवाब नहीं मिलता है। यह अनुचित और अनुशासनहीता का द्योतक है।



