इंसानियत शर्मसार! बेटे का शव देने के लिए भिखारी बने मां-बाप, झकझोर देने वाली है कहानी

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समस्तीपुर: भारत में प्रतिदिन ऐसी कई घटनाएं सामने आ रही हैं जिन्हें देखकर लगता है कि मानों दुनिया से मानवता खत्म हो गई हो। ऐसी ही एक घटना बिहार से सामने आई है। जहां एक दुखियारे मां-बाप को देखकर लोगों की आंखे डबडबा गईं। यहां बात समस्तीपुर सदर चिकित्सालय के एक कर्मचारी की जिसने एक बच्चे का शव उसके मां-बाप को सौंपने के बदले में 50000 रुपयों की मांग कर दी। लिहाजा निर्धनता के दंश से जूझ रहे घरवालों को भीख मांगनी पड़ गई।

बेटे की मौत के सदमे से पहले ही टूट चुके माँ-बाप की कहानी झकझोर देने वाली है, क्योंकि यहां एक माता-पिता को बेटे के शव के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं तथा प्रशासनिक अफसरों की मुस्तैदी के दावे क्या वास्तव में इतने खोखले हैं कि जहां कोई बाप इतना विवश हो सकता है कि बेटे के शव के लिए उसे भीख मांगनी पड़े। ये कहानी केवल बिहार की नहीं, बल्कि उस भ्रष्ट एवं सड़े सिस्टम की वो बानगी है, जिसको बयान करने के लिए इस मां-बाप के पास शब्द नहीं है। समस्तीपुर के ये बाप की खामोशी चीख चीख कर वो बातें कह रही है जिसे जानकर शर्मिंदा होने के अतिरिक्त कोई और चारा नहीं होता।

वही सोशल मीडिया पर माता-पिता के भीख मांगने का वीडियो वायरल हो रहा है। ये घटना दो दिन पहले 7 जून की है। महेश ठाकुर का मानसिक तौर पर विक्षिप्त पुत्र 25 मई से गुमशुदा था। इस बीच 7 जून को पता चला कि पड़ोस के क्षेत्र में एक शव मिला है। जब अपने बेटे का शव लेने माता-पिता सदर चिकित्सालय पहुंचे तो पोस्टमॉर्टम कर्मी ने शव दिखाने से इंकार कर दिया। बहुत हाथ पैर जोड़ने के बाद उसने जब शव दिखाया तो पिता ने अपने बेटे को पहचान लिया। चौंकाने बात यह है कि अस्पताल कर्मी ने लाश देने के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर दी। वही इस घटना से हर कोई हैरान है।

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