
17 अक्टूबर से होगी मूंग उड़द की खरीदी मुख्यमंत्री करेंगे किसानों से संवाद
*17 अक्टूबर से होगी मूंग उड़द की खरीदी मुख्यमंत्री करेंगे किसानों से संवाद
गरियाबंद छुरा भूपेंद्र गोस्वामी आपकी आवाज
गरियाबंद 15 अक्टूबर 2022,राज्य को दलहन उत्पादन मे स्वावलंबी बनाने तथा दलहनी फसल लगाने वाले कृषकों को अपने उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द की खरीदी 17 अक्टूबर को शुभआरंभ किया जा रहा है, जिसमे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जिले के किसानो से सीधा संवाद करेंगे। खरीदी हेतु मार्कफेड को नोडल एजेंसी तथा उर्पाजन केन्द्र सी.जी. स्टेट वेयर हाउस गरियाबंद को घोषित किया गया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, अरहर की खरीदी हेतु छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) एवं कृषि विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। जिले के दूरान्चंल क्षेत्र के अधिकाश्ां रकबे मे उड़द, मूग की खेती की जाती है, उन किसानो को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नही मिल पाता है। गरियाबंद जिले मे उर्पाजन केन्द्र स्थापित होने से कृषको को इसका भरपूर लाभ मिलेगा। जिले मे मूंग और उड़द की खरीदी 16 दिसम्बर 2022 तक जारी रहेगी एवं अरहर की खरीदी 13 मार्च 2023 से 12 मई 2023 तक चिन्हांकित उपार्जन केन्द्र में किया जायेगा। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 हेतु मूंग 7,755, उड़द 6,600 एवं अरहर 6,600 रू. का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। अरहर, उड़द एवं मूंग फसल की खरीदी क्रमंशः 4 क्वि., 3 क्वि. एवं 2 क्वि. प्रति एकड की दर से किया जावेगा। मूंग, उड़द, अरहर की खरीदी को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किसान भाईयों को मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क के भुगतान में भी पूर्णतः छूट दिया जा रहा है। एकीकृत किसान पोर्टल में मूंग, उड़द, अरहर फसलों के पंजीयन कराने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय करने के साथ-साथ किसानो को 9,000 प्रति एकड़ तथा धान के बदले मूंग, उड़द, अरहर लगाने पर 10,000 प्रति एकड़ ’’राजीव गाँधी किसान न्याय योजना’’ का भी लाभ मिलेगा। कृषि उपसंचालक संदीप भोई ने बताया कि जिले मे उड़द एवं मूंग फसल हेतु क्रमशः 571 एवं 05 कृषको ने एकीकृत किसान पोटर्ल मे पंजीयन कराया है। कृषि विभाग द्वारा उडद एवं मूंग का विक्रय करने एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने हेतु सभी किसानों को एकीकृत पोर्टल में अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की जा रही है। जिले के पंजीकृत किसानो को कृषि विभाग की ओर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उर्पाजन केन्द्र तक ले जाने हेतु प्रोस्ताहित किया जा रहा है।



