Raigarh News :आखिर कैसे रायगढ़ लोकसभा सीट को फतह करेगी कांग्रेस ?
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एक नजर :
रायगढ़ लोकसभा सीट जनजाति वर्ग के लिये आरक्षित सीट है। इस सीट पर वैसे तो सारंगढ़ और जशपुर राज परिवार के सदस्यों या उनका वरदहस्त प्राप्त प्रत्याशियों का परचम लहराता रहा है। यहां पर कमोवेश कांग्रेस और भाजपा बारी-बारी से एक दूसरे को पटखनी देते रहे हैं मगर पिछले पांच लोकसभा चुनावों में इस सीट पर भाजपा ने अपना दबदबा स्थापित किया है।
जनजाति आदिवासी वर्ग के लिये आरक्षित छत्तीसगढ़ के रायगढ़ लोकसभा सीट पर प्रमुख रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होती रही है। इनमें से जो भी पार्टी उस दौर में जातिगत समीकरण को साधने में सफल रही उस पार्टी के प्रत्याशी के सिर जीत का सेहरा सजता रहा है। पिछले पांच लोकसभा चुनावों 1999 से अब तक में यहां भाजपा जातिगत समीकरणों को साधने में सफल रही है परिणाम स्वरूप जशपुर राज परिवार से वरदहस्त प्राप्त भाजपा प्रत्याशियों ने यहां से लगातार पांच बार जीत दर्ज की है। बाउजूद इसके कांग्रेस ने मेनका सिंह को टिकट दे कर और अपने सुस्त जनसंपर्क के बूते कल होने वाले चुनाव को जितने के सपने देख रही है ।
Raigarh News : बात करे लैलूंगा विधानसभा सीट की तो?: मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार लैलूंगा विधानसभा में 282 बूथ हैं जिसमें अकेले लैलूंगा विकासखंड में 134 बूथ है जहां पिछले चुनाव में बूथ लेवल या बूथ प्रभारी या फिर कार्यकर्त्ता की बात की जाए तो उनकी बात को अनसुनी की गई जो मेहताना देने की बात की गई थी उसको भी समय नहीं दिया गया जिसको लेकर बूथ कार्यकर्त्ताओ (प्रभारी )में रायगढ़ लोकसभा में काफी रोस है जिसको लेकर के लैलूंगा विकासखंड में कई बूथ प्रभारी या कार्यकर्त्ता काम करने से मना कर दिए हैं इसके जगह पर नए-नए बूथ प्रभारी नयुक्त किया जा रहा है वही एक कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता ने बताया कि लैलूंगा विधानसभा के कई ऐसे बूथ हैं जहां अभी तक प्रचार प्रसार की सामग्री नहीं पहुंची लैलूंगा विकासखंड के कई ऐसे जगह है जहां कांग्रेस के लोकसभा. प्रत्याशी या चुनाव प्रभारी की इस रवैया को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता मायूस उनका मानना है कि इस बार लोकसभा चुनाव में पहली बार ऐसा हो रहा है कि लैलूंगा विकासखंड के कार्यकर्ताओं को निराश किया गया ऐसे में भाजपा के विजय अभियान को रोकने की तमन्ना किस आधार पर सजोए हुए हैं या समझ से परे है?



