
लैलूंगा सीमा पर धान परिवहन जारी, नियम ताक पर
लैलूंगा। छत्तीसगढ़–उड़ीसा की सीमा पर धान का अवैध परिवहन लगातार बढ़ता जा रहा है। नियमों के बावजूद भारी मात्रा में धान का आवागमन रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह पूरा मामला स्पष्ट रूप से dhaan aawajahi से जुड़ा हुआ है।
सीमा मार्गों से रोजाना गुजर रहे वाहन, जांच में लापरवाही
सूत्रों के मुताबिक सीमावर्ती मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन धान लेकर गुजर रहे हैं। न तो उचित जांच की जा रही है और न ही सख्त निगरानी दिखाई दे रही है। इस स्थिति में अवैध धान खरीदी और अंतरराज्यीय परिवहन की आशंका और गहरी हो गई है।
चेक पोस्ट बने उगाही का माध्यम, गाड़ियाँ बिना जांच गुजर रहीं
लैलूंगा विकासखंड के ग्राम तोलमा, हांडीपानी, लमडांड और जमुना में अवैध आवक रोकने चेक पोस्ट बनाए गए हैं, लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल उलट है। ग्रामीणों का आरोप है कि चेक पोस्ट पर चढ़ावा देकर गाड़ियाँ धड़ल्ले से निकल रही हैं।
राजस्व, पुलिस, कृषि और स्थानीय निकाय की संयुक्त टीम तैनात होने के बावजूद कई वाहनों को बिना किसी कागजी जांच के जाने दिया जा रहा है।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से dhaan aawajahi को बढ़ावा दे रही है।
किसानों का आरोप—हमें नुकसान, बड़े धान व्यापारी हो रहे लाभान्वित
स्थानीय किसानों का कहना है कि अवैध धान परिवहन से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को भी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि चेक पोस्ट पर सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए और dhaan aawajahi पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई पर सवाल
इस मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि धान कौचियों को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिला हुआ है, जिसके कारण शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती।
मंडी खुलने से पहले गांव–गांव में स्टॉकिंग की सूचना
ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय छोटे व्यापारियों पर कागजी कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े धान कारोबारियों द्वारा जमा किया जा रहा भारी स्टॉक पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है। मंडी में खरीदी शुरू होने से पहले ही गांवों में धान भरकर रखने की गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे dhaan aawajahi पर सख्त रोक लगाने की मांग और तेज हो गई है।



