
कच्ची पगडंडियों से पक्की सड़क तक, विकास की नई राह
रायगढ़, 3 जनवरी 2026/
कभी बरसात आते ही बाहरी दुनिया से कट जाने वाली बसंतपुर बस्ती आज विकास की मजबूत सड़क पर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत बनी पक्की सड़क ने इस आदिवासी गांव को न सिर्फ आवागमन की सुविधा दी है, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी नई पहचान दिलाई है।
मुख्य मार्ग से बस्ती को जोड़ने वाली लगभग 2 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क ने 1326 की आबादी वाले इस गांव की वर्षों पुरानी सबसे बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। जहां पहले कच्ची पगडंडियां थीं, आज वहां चार पहिया वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
सड़क बनी, जीवन आसान हुआ
बसंतपुर में सड़क के अभाव ने वर्षों तक विकास को रोक रखा था। किसान खेतों में मेहनत तो करते थे, लेकिन उपज को बाजार तक पहुंचाना कठिन होता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना किसी जोखिम से कम नहीं था। खासकर बरसात के दिनों में गांव लगभग टापू बन जाता था।
1.62 करोड़ की लागत से बदली तकदीर
पीएम जनमन योजना के तहत 1.62 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क ने गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। अब गांव से बाजार, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन और सहकारी समितियों तक पहुंच सुगम हो गई है।
एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। किसान अपनी फसल अब बिना किसी परेशानी के मंडी तक पहुंचा रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सीधा इजाफा हुआ है।
महिलाओं और बच्चों को मिला नया भरोसा
सड़क निर्माण से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का जीवन भी आसान हुआ है। बच्चों की स्कूल उपस्थिति नियमित हुई है और गर्भवती महिलाओं एवं बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच मिल रही है। साथ ही, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में भी तेजी आई है।
ग्रामीणों की आवाज़ में विकास
बस्ती की निवासी श्रीमती मंगलासो बिरहोर बताती हैं कि पहले बरसात में गांव से बाहर निकलना बहुत मुश्किल था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। किसान फसल बेच पा रहे हैं और बच्चे रोजाना स्कूल जा रहे हैं।
वहीं श्री सुखराम सिंह कहते हैं कि सड़क बनने से गांव में विकास को न सिर्फ देखा, बल्कि महसूस भी किया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में जनमन योजना का विस्तार
उल्लेखनीय है कि पीएम जनमन योजना का उद्देश्य 100 से अधिक जनसंख्या वाली विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों को बारहमासी सड़क सुविधा से जोड़ना है।
रायगढ़ जिले में इस योजना के तहत 12 सड़कों को स्वीकृति मिली है, जिनकी कुल लंबाई 22 किलोमीटर है। इन सड़कों से 25 बसाहटें जुड़ रही हैं, जिससे विशेष रूप से बिरहोर समुदाय के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।




