
रायगढ़ :-खरसिया विधानसभा क्षेत्र के खम्हार (खरसिया) स्थित बरगढ़ खोला में आयोजित मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम के दौरान जो हुआ, उसने भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम स्थल पर पूर्व नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, खरसिया नगर महामंत्री आनंद अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा अंदर जाने से रोक दिया गया। यह कोई साधारण रोक-टोक नहीं थी, बल्कि ऐसी स्थिति बनाई गई जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी हुज्जतबाजी तक हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पार्टी के कार्यकर्ताओं के दम पर सत्ता की नींव खड़ी होती है, उन्हीं कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अपमानित क्यों किया गया? क्या अब सत्ता और प्रशासन के लिए निष्ठावान कार्यकर्ता बोझ बन गए हैं? अगर कार्यक्रम सार्वजनिक था, तो फिर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को रोकने का आदेश किसके इशारे पर दिया गया?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यकर्ता बार-बार अपनी पहचान और जिम्मेदारी बताते रहे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने एक न सुनी। हालात इतने बिगड़े कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में भोलेनाथ जी की कृपा से मामला शांत तो हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान पर जो ठेस लगी, उसकी भरपाई कौन करेगा?
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पार्टी के समर्पित नेताओं को दरकिनार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा खेमे में जबरदस्त नाराजगी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे केवल भीड़ जुटाने की मशीन नहीं हैं, बल्कि पार्टी की रीढ़ हैं।



