
ग्रामीणों ने ली बूंद-बूंद सहेजने की शपथ
जगदलपुर, 18 जनवरी 2026/ बस्तर जिले के जगदलपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम चितापदर में शुक्रवार को जल अर्पण दिवस के अवसर पर जल संरक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एक मंच पर आए और सामूहिक रूप से जल संवर्धन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में आईईसी परियोजना समन्वयक श्रीमती ज्योत्सना सूना ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जल को जीवन का मूल आधार बताया। उन्होंने विस्तारपूर्वक समझाया कि जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना, शुद्ध पेयजल का सेवन और जल संसाधनों की रक्षा करना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे प्रत्येक घर में सोख्ता गड्ढा बनाएं किचन गार्डन लगाएं और अधिक से अधिक स्थानीय पेड़ लगाकर पर्यावरण को बचाएं। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु नियमित जल कर के भुगतान पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि जल प्रदाय योजना अनवरत चलती रहे।
ग्रामसभा के दौरान तकनीकी जानकारी के सत्र में मॉनिटरिंग परियोजना समन्वयक श्री प्रवीण वर्मा ने गांव में निर्मित पानी की टंकी, पंप हाउस और क्लोरिनेटर के रखरखाव की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ सरकार संचालन एवं संधारण नियम 2024 के तहत जल संरचनाओं के प्रबंधन के नियमों से अवगत कराया। इसी क्रम में डब्ल्यूक्यूएमएस समन्वयक श्रीमती नेहा साहू ने जल गुणवत्ता और दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाई। उन्होंने एफटीके किट के माध्यम से ग्रामीणों को मौके पर ही पानी की शुद्धता जांचने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिसे ग्रामीणों ने उत्सुकता से सीखा।
इस अवसर पर गांव का माहौल पूरी तरह से उत्साहजनक रहा। जन-जागरूकता के उद्देश्य से स्थानीय लोगों द्वारा आकर्षक रंगोलियां सजाई गईं, तो वहीं स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए रैली निकाली। बच्चों ने हमारा उद्देश्य कम न हो पानी कभी, नम न हो आंखे कभी जैसे प्रेरक नारे लगाते हुए पूरे गांव का भ्रमण किया और घर-घर तक जल संरक्षण का संदेश पहुँचाया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में एक भावुक और दृढ़ संकल्प का दृश्य देखने को मिला, जब आईईसी परियोजना समन्वयक ने ग्राम सभा को जल शपथ दिलाई। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में यह प्रण लिया कि वे पानी की एक-एक बूंद बचाएंगे, जल स्रोतों की सफाई रखेंगे और इसे ग्राम की साझा संपत्ति मानते हुए इसकी देखभाल करेंगे। भूमि जल स्तर को सुधारने के लिए सोख्ता गड्ढा बनाने और नियमित जल कर देने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।







